पिछड़े जिलों की विकास योजना

Rajasthan Khabre | Updated : Friday, 12 Jan 2018 03:43:23 PM
Development scheme of backward districts

केद्र सरकार विकास की मुख्यधारा से पीछे छूट गए देश के 115 पिछड़े जिलों में विकास से जुड़ी योजनाओं का विशेष अभियान चलाएगी। जिलों में कामकाज की निगरानी के लिए एक परफार्मेंस, रियल टाइम मानीटरिंग मैकेनिज्म बनाया जा रहा है। इसके आधार पर बेहतर जिलों की समय-समय पर रैंकिंग की जाएगी। सरकार ने इन जिलों को चुनने के लिए मानकों को आधार बनाया गया था। सरकार का कहना है कि सभी जिले पारदर्शी प्रक्रिया से चुने गए हैं और राज्यों की सहमति इनमें शामिल की गई है। भूमिहीन व श्रम पर आधारित परिवारों की संख्या को तय मानकों में सबसे ज्यादा तवज्जो दी गई। इसके लिए करीब एक चौथाई वेटेज तय किया गया था। जबकि अन्य सभी मानकों को बराबर महत्व दिया गया। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 5 जनवरी को योजना की समीक्षा की थी। भूमिहीन परिवार और शारीरिक श्रम पर आधारित परिवारों की संख्या, प्रसव पूर्व देखभाल, संस्थागत डिलीवरी, पांच साल से कम बच्चों का बौनापन, बच्चों का कम वजन, उनकी स्कूली शिक्षा में ड्राप आउट दर, स्कूलों में छात्र-शिक्षक का प्रतिकूल अनुपात, बिना बिजली वाल घर, घरों में शौचालय नहीं होना, प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना से गांव का न जुड़ा होना, ग्रामीण परिवारों तक पानी की पहुंच न होना आदि वजहों से पिछड़ापन तय किया गया है। चिन्हित जिलों की स्थिति इन मानकों के आधार पर अन्य जिलों से खराब पाई गई। अब प्रत्येक जिले को समयबद्ध तरीके से सभी समस्याओं से उबारकर विकसित जिलों की सूची में शुमार करने का कार्यक्रम बनाया जा रहा है। इन जिलों को पिछड़े जिलों के बजाए सरकार आकांक्षा वाले जिले कह रही है। जिन राज्यों के पिछड़े जिलों का चयन किया गया है, उनमें उत्तर प्रदेश के 8, झारखंड के 19 और बिहार के 13 जिले शामिल है।

 इन सभी जिलों में विकास को आंदोलन बनाने की रूप रेखा तैयार की गई है। देश के 115 पिछड़े जिलों का चयन 11 मानकों के आधार पर किया गया है। इनमें से तीस जिलों की सूची नीति आयोग ने तैयार की है। 50 जिले मंत्रालयों की ओर से चुने गए है, जबकि 35 अति वामपंथ प्रभावित जिलों की सूची गृह मंत्रालय ने तैयार की है। इन सब जिलों मेें विकास के लिए विशेष योजना तैयार की गई है और इनमें बेहतर काम करने वाले जिलों की समय-समय पर रैकिंग होंगी। इस तरह से पिछड़े जिलों के विकास के लिए जो विशेष योजना तैयार की गई है, सरकार के इस प्रयास की जितनी सराहना की जाए कम है क्योंकि आजादी के 70 साल बाद भी इन जिलों का पिछड़े रहना व केवल दुर्र्भाग्यपूर्ण बल्कि शर्मनाक भी है।

 

Copyright @ 2017 Rajasthankhabre, Jaipur. All Right Reserved.