ई-कॉमर्स विवाद सुलझाने को केंद्र बनेंगे

Rajasthan Khabre | Updated : Friday, 13 Apr 2018 10:43:39 AM
E-commerce to resolve dispute will be central
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देश में ई-कॉमर्स का बाजार बढ़ने के साथ ही सामान को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतों में भी इजाफा हो रहा है। लिहाजा सरकार अब ई-कॉमर्स के विवादों को मध्यस्थता के जरिए सुलझाने पर विचार कर रही है। उपभोक्ता मंत्रालय के मुताबिक उपभोक्ता फोरम में ई-कॉमर्स से जुड़े विवादों में कई गुना वृद्धि हुई है। इसलिए उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार सभी बड़े शहरों में ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ विवाद हल करने के लिए मध्यस्थता केंद्र खोलने की तैयारी कर रही है। यह मध्यस्थत केंद्र देश के सभी बड़े शहरों में शुरू किए जाएंगे। ऐसे उपभोक्ताओं की बड़ी तादाद है, जो धोखाधड़ी के बावजूद कंपनी में शिकायत नहीं करते। कुछ उपभोक्ता शिकायत करते हैं तो ई-कॉमर्स कंपनियां कोई रास्ता निकाल कर बच जाती है क्योंकि उपभोक्ताओं को इस बाबत तकनीकी तौर पर कोई जानकारी नहीं होती है। ऐसे में सरकार बड़े शहरों में ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ विवाद को सुलझाने के लिए मध्यस्थता केंद्र खोलने की तैयारी कर रही है। 

इन केंद्रों को बाकायदा सरकार की तरफ से कंपनियों से बात करने के लिए अधिकृत किया जाएगा। ज्यादा कोशिश होगी कि फोरम के बाहर ही मध्यस्थता प्रतिनिधि के जरिए विवाद को सुलझा लिया जाए। मध्यस्थता केंद्र खोलने के पहले चरण में दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बैंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई में मध्यस्थता केंद्र खोले जाएंगे। दूसरे चरण में अन्य बड़े शहरों में केंद्र खोले जाने की योजना है। उपभोक्ता मंत्रालय के अनुसार ई-कॉमर्स कंपनियों के बारे में उपभोक्ताओं की शिकायतें बढ़ती ही जा रही है। मंत्रालय के अनुसार 2015-16 में एक लाख 75 हजार शिकायतें मिली थी, जिसमें 16 प्रतिशत शिकायतें, ई-कॉमर्स कंपनियों से संबंधित थी। वर्ष 2016-17 में सरकार को उपभोक्ताओं की तीन लाख शिकायतें मिली।

 इनमें 18 प्रतिशत शिकायतें ई-कॉमर्स कंपनी से संबंधित थी। 2017 के दिसंबर में उपभोक्ताओं की 32 हजार 653 शिकायतें मिली। इनमें 18 प्रतिशत शिकायतें ई-कॉमर्स की थी। 2018 की फरवरी में मंत्रालय को 33 हजार 852 शिकायतें मिली, जिनमें 20 प्रतिशत शिकायतें ई-कॉमर्स से जुड़ी थी। उपभोक्ता मंत्रालय ई-कॉमर्स से जुड़ी थी। उपभोक्ता मंत्रालय ई-कॉमर्स कंपनियों के साथ मध्यस्थता करने वाले लोगों को 6 माह का प्रशिक्षण देगा। प्रशिक्षण के दौरान उपभोक्ताओं के हितों से जुड़े कानूनों के साथ ई-कॉमर्स व दूसरे कानूनों के बारे में भी जानकारी दी जाएगी, ताकि वह मजबूती से ई-कॉमर्स कंपनियों के सामने उपभोक्ता का पक्ष रख सके। इसके लिए सरकार कानून की शिक्षा हासिल करने वालों को प्राथमिकता दे सकती है। आशा है मध्यस्थता केंद्रों की स्थापना से उपभोक्ता को राहत मिलेगी।

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