राजस्थान में भीषण गर्मी से लोगों के हाल बेहाल

Rajasthan Khabre | Updated : Monday, 14 May 2018 11:51:22 AM
People in the state of Rajasthan are in dire condition
Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

राजस्थान में भीषण और जानलेवा गर्मी और लू ने आमजन के छक्केे छुड़ा दिए है। गर्मी के मौसम में सूर्य की किरणें आग उगलती हैं। इस कारण धरती का वातावरण गर्म हो उठता है। हवाएं भी गर्म होकर अपना रौद्र रूप दिखाने लगती हैं। इस बार बरसात कम होने से गर्मी जल्दी आ गई। राजस्थान में गर्मियों में स्थानीय चक्रवात के कारण जो धूल भरे बवंडर बनते हैं उन्हें भभुल्या कहा जाता है। प्रदेश के कई जिले इस समय भभुल्या की चपेट में है। बताते है की ऋतुओं में सर्दी का असर केवल तीन माह ही रहता है। मार्च से शुरू  हुई गर्मी अगस्त और सितंबर तक अपना असर दिखती है। वर्षा के बाद बसंत केवल दो माह अपना असर छोड़ता है। 

राजस्थान में जबर्दस्त तेज गर्म हवाओं ने जनजीवन अस्तव्यस्त कर दिया है। प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर जारी है और पारा 45 डिग्री को पार गया है। राजधानी जयपुर सहित राज्य के अनेक क्षेत्रों में सडक़ें सुनी नजर आईं।  बाजारों में सन्नाटा पसरा दिखा। मई का महीना अभी आधा भी नहीं बीता है और राजस्थान में प्रचंड गर्मी अपना तेवर दिखा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में आंधी और तूफान ने बहुत से अधिक लोगों की जीवन लीला समाप्त कर दी और जनधन का भारी नुक्सान किया। सदा की तरह मौसम विभाग कोई पूर्व अनुमान लगाने में नाकारा साबित हुआ। प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी गर्मी के तेवर जून के महीने जैसे हो गए हैं।

पश्चिमी राजस्थान में गर्मी के हालात ऐसे हैं जैसे सडक़ से कोलतार पिघल जाएंगे। सडक़ें तो तवा की भट्टी बनी हुई है शाम तक गर्म हवा के थपेड़े लू का ऐहसास कराते हैं। देश के सबसे बड़े सूबे राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद अब गर्मी जोर दिखाने लगी है। प्रदेश के धोरे तपने लगे हैं और आसमान से मानो अंगारे बरस रहे हैं, तभी तो अनेक स्थानों  की गर्मी ने पिछले रिकार्ड तोड़ दिया। सूर्य के बढ़ते प्रकोप से दोपहर के समय सडक़ें सूनी और बाजार वीरान नजर आने लगे हैं। राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आग उगलती सूर्य की किरणों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से ही सूर्य देवता आग उगलना शुरू  करते हैं और दोपहर में चलने वाली लू लोगों को बेहाल कर देती है। देर शाम तक लू का असर बना रहता है।

गर्मी का मौसम मार्च से सितंबर तक के महीनों में रहता है। यह साल का सबसे गर्म मौसम होता है, क्योंकि तापमान अपने उच्च शिखर पर पहुँचता है। इस ऋतु के दौरान, दिन लम्बे और गर्म होते हैं, वहीं रातें छोटी है। दिन के बीच में, सूर्य की किरणें बहुत गर्म होती है। पूरे दिनभर गर्म हवाएं चलती रहती है, जो चारों तरफ के वातावरण को रूखा और शुष्क बनाती है। कुएं, और तालाबें सूख जाती हैं। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले लोग पानी की कमी, उच्च तापमान, सूखे आदि बहुत सी परेशानियों से बिजली और अन्य आरामदायक संसाधनों की कमी के कारण जूझते हैं। ग्रीष्म ऋतु साल का सबसे गर्म मौसम होता है, जो पूरे दिन भर में बाहर जाने को लगभग असंभव बनाता है। लोग आमतौर पर, बाजार देर शाम या रात में जाते हैं। बहुत से लोग गर्मियों में सुबह को इसके ठंडे प्रभाव के कारण टहलने का आनंद लेते हैं। 

धूल से भरी हुई, शुष्क और गर्म हवा पूरे दिनभर चलती रहती है। कभी-कभी लोग अधिक गरमी के कारण हीट-स्ट्रोक, डीहाइड्रेशन (पानी की कमी), डायरिया, हैजा, और अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से प्रभावित होते हैं। यह बहुत अधिक तापमान और शुष्क मौसम होता है, जिसमें हिंसक मानसून भी शामिल रहता है, जो मत्यु दर को बढ़ाने का मुख्य कारण बनता है। इस ऋतु में मौसम उच्च तापमान के कारण अधिक गर्म हो जाता है, जो कुछ क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति में कमी की वजह से सूखे का कारण बनता है। गर्म हवाएं और तापमान में वृद्घि, दोनों ही इस ऋतु को बहुत अधिक गर्म बनाती है, जो मनुष्य और जंगली जानवरों दोनों के लिए बहुत अधिक परेशानी का निर्माण करता है।

मौसम में हमें अपना ख्याल रखने की अधिक जरूरत होती है। अगर इस मौसम में आप जरा से भी चुके तो आपको कई बीमारियां घेर सकती है। यह एक ऐसा मौसम है जिसमें बीमारियां होने की आशंका अधिक होती है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी से बचाव ही इस मौसम में बीमारियों से बचने का रास्ता है। इसके लिए पेय-पदार्थों का खूब सेवन करें। डॉक्टरों की सलाह है कि दिन में जब भी घर से निकले कुछ खा कर और पानी पी कर ही निकले खाली पेट बाहर ना जाएं। तेज धूप में, खासतौर से दोपहर में बेकाम घर से बाहर जाने से बचें। गर्मियों में हरे पत्ते वाली सब्जियां, विटामिन सी से युक्त रसीले फल और नींबू पानी लेना चाहिए। बेल का शरबत गर्मी के लिए बहुत बढिय़ा माना जाता है। गर्मी के मौसम में जीरा-नमक डालकर छाछ पीना भी फायदेमंद होता है।

(ये लेखक के निजी विचार हैं)

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures
 
 
Latest News

Copyright @ 2017 Rajasthankhabre, Jaipur. All Right Reserved.