26 रुपये लेकर मुंबई आया था ये एक्टर, लेकिन विलेन बनकर खूब नाम कमाया

Rajasthan Khabre | Updated : Friday, 25 Oct 2019 09:15:32 AM
The actor came to Mumbai with 26 rupees, but earned a lot of fame as a villain

बॉलीवुड डेस्क। बॉलीवुड एक ऐसी दुनिया है जिसमे हर दिन कोई ना कोई नया एक्टर  आता रहता है। जो अपनी अपनी एक्टिंग के जरिए लोगों का दिल जीत लेता है। लेकिन आज हम आपको ऐसे एक्टर के बारे में बताने जा रहे है जिसके बारे में आज लोग शायद ही जानते होंगे। दरअसल, 70 और 80 के दशक में हिंदी सिनेमा में एक ऐसा एक्टर था जो हीरो से भी ज्यादा पॉपुलर हुआ। उस एक्टर को हम जीवन के नाम से जानते हैं। जीवन का नाम फिल्म इंडस्ट्री के पॉपुलर विलेन में गिना जाता था। साल 1915 में कश्मीर में जन्में जीवन का असली नाम ओंकार नाथ धार था। वो बचपन से ही एक्टर बनना चाहते थे। जीवन का परिवार काफी बड़ा था। उनके 24 भाई बहन थे। जीवन के जन्म के साथ ही उनकी मां का निधन हो गया था। जब जीवन 3 साल के थे तब उन्होंने अपने पिता को खो दिया।

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जीवन का जन्म ऐसे परिवार में हुआ जहां एक्टिंग को ढंग का पेशा नहीं समझा जाता था। उन्हें एक्टिंग करने की इजाजत नहीं मिली थी। इसलिए जीवन अपने सपने को पूरा करने के लिए 18 साल की उम्र में घर से भागकर मुंबई आ गए। जब वो मुंबई आए तो उनकी जेब में सिर्फ 26 रुपये थे। करियर के शुरुआती दिनों में जीवन को काफी स्ट्रगल करना पड़ा। उन्हें नौकरी की जरूरत थी इसलिए वो एक स्टूडियो में काम करने लगे। ये स्टूडियो मोहनलाल सिन्हा का था। मोहन लाल उस समय के जाने-माने डायरेक्टर हुआ करते थे। जब मोहनलाल को पता चला कि जीवन एक्टिंग करना चाहते हैं तो उन्होंने अपनी फिल्म 'फैशनेबल इंडिया' में उन्हें रोल दिया। इसके बाद जीवन को एक के बाद एक कई फिल्मों में काम मिला। जीवन ने अलग-अलग भाषाओं की करीब 60 फिल्मों में नारद मुनि का किरदार निभाया। 50 के दशक में बनी हर धार्मिक फिल्म में उन्होंने नारद का रोल किया। जीवन को पहचान उस समय मिली जब 1935 में उन्होंने फिल्म 'रोमांटिक इंडिया' में काम किया।

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इसके बाद जीवन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। जीवन की 'अफसाना', 'स्टेशन मास्टर', 'अमर अकबर एंथनी' और 'धर्म-वीर' यादगार फिल्मों में से एक हैं। उन्होंने नागिन, शबनम, हीर-रांझा, जॉनी मेरा नाम, कानून, सुरक्षा, लावारिस, आदि फिल्मों में भी अहम भूमिकाएं निभाई। जीवन अपने करियर के शुरुआती दौर में ही जान गए थे कि उनका चेहरा हीरो लायक नहीं है। इसलिए उन्होंने खलनायकी में हाथ आजमाया और सफल भी हुए। जीवन की डायलॉग डिलीवरी कमाल की थी। उन्हें जीवन नाम विजय भट्ट ने दिया था। जीवन ने पंजाबी फिल्मों में भी काम किया था। फिल्म 'कानून' में कठघरे के सीन का मोनोलॉग बेहद लोकप्रिय हुआ था। जीवन ने फोटोग्राफी, नृत्य, एक्शन, संगीत आदि में भी किस्मत आजमाई लेकिन असफल रहे। जीवन के बेटे किरण कुमार भी मशहूर एक्टर हैं।

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