इतिहास की सबसे खूनी लड़ाईयों का गवाह रह चुका है राजस्थान का ये किला, बना सकते हैं घूमने का कार्यक्रम

Rajasthan Khabre | Updated : Friday, 17 Jan 2020 01:27:25 PM
This fort of Rajasthan has been witness to the bloodiest battles in history

इंटरनेट डेस्क। राजस्थान अपने दुर्गों के कारण देश में विशेष स्थान रखता है। प्रदेश में स्थित ये दुर्ग किसी न किसी कारण से दुनियाभर में लोकप्रिय हैं। आज हम आपको राजस्थान के चित्तौडग़ढ़ दुर्ग की जानकारी देने जा रहे हैं। भारत के सबसे विशाल दुर्गों में शामिल यह दुर्ग चित्तौडग़ढ़ में स्थित है जो भीलवाड़ा से कुछ किमी दक्षिण में स्थित है। इतिहास की सबसे खूनी लड़ाईयों के गवाह रह चुके चित्तौगढ़ दुर्ग के बारे में कहा जात है कि गढ़ तो चित्तौडग़ढ़ और सब गढ़ैया। 

 

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यूनेस्को की विश्व विरासत स्थल सूची में शामिल चित्तौड़ दुर्ग को राजस्थान का गौरव एवं राजस्थान के सभी दुुर्गों का सिरमौर कहा जाता है। राजस्थान के इस किले का निर्माण मौर्यवंशीय राजा चित्रांगद मौर्य ने सातवीं शताब्दी में करवाया था।

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अगर आपने उदयपुर घूमने का कार्यक्रम बनाया है तो इस किले को देखना नहीं भूले। इस दुर्ग में शत्रु आसानी से प्रवेश नहीं कर पाते थे, क्योंकि इसमें प्रवेश करने के लिए लगातार सात दरवाजे कुछ अन्तराल पर बनाए गए थे। इसी कारण से शत्रु इस किले को जीतने के लिए लम्बे समय तक घेरा डाल देते थे। जब किले में रसद सामग्री समाप्त हो जाती तो इसके बाद ही राजपूतों को विवश होकर युद्ध के लिए किले के दरवाजे खोनले पड़ते थे। 
 

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