सच लिखना इन इन पत्रकारों को पड़ा भारी, कर दी गई हत्या

Rajasthan Khabre | Updated : Wednesday, 13 Jun 2018 12:18:37 PM
death of these journalist in india
Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures

इंटरनेट डेस्क। दुनियां में ऐसे कई पत्रकार है जिन्हें सच लिखने या अच्छा लिखने बदले शाबाशी शायद कम मिली हो लेकिन उसके बदले उसे मौत जरूर मिली है और ऐसे ही कई मामले भारत के राज्यों में सामने आ चुके है। भारत जैसे देश में भी लोकतंत्र के चैथे स्तम्भ कहे जाने वाले मीडिया प्रेस पर हमले हो रहे है, पत्रकारों को जान से मारा जा रहा है या फिर उन पर हमले किए जा रहे है। आज हम कुछ ऐसे ही पत्रकारों के बारे में बात करने जा रहे है जिन्हें सच के बदले मौत का सामना करना पड़ा है।

आपकों बता दें की वर्ष 2018 में मध्यप्रदेश के भिंड जिले में मोटरसाइकिल सवार पत्रकार संदीप शर्मा को एक ट्रक से कुचल दिया गया उसी दिन बिहार के भोजपुर जिले में पत्रकार नवीन निश्चल और उनके साथी विजय सिंह की मौत एक दुर्घटना में हुई लेकिन ये दुर्घटनाएं थी या सच लिखने के बदले उनकों मिली सजा थी ये समझना मुश्किल है। 

ऐसा ही मामला दिल्ली से सटे गाजियाबाद में अप्रैल में सामने आया था जहां एक टीवी पत्रकार अनुज चैधरी को उनके घर में घुसकर ही बदमाशों ने गोली मार दी थी। ऐसा ही मामला जेएनयू में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान एक अखबार की महिला फोटो पत्रकार के साथ हुआ था जहां दिल्ली पुलिस केे दो कांस्टेबल ने उनके साथ बदसलूकी की थी।

एक नजर डालते है ऐसी ही घटनाओं परः
21 नवंबर 2002ः डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम के खिलाफ लिखने वाले पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की सिरसा में गोली मारकर हत्या, राम रहीम अब कई मामलों में जेल में सजा काट रहा है।

13 मई 2016ः सीवान में पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या

2015ः मध्य प्रदेश का व्यापम घोटाला किसी से छुपा नहीं उसकी कवरेज के लिए गए विशेष संवाददाता अक्षय सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

जून 2015ः मध्य प्रदेश बालाघाट जिले में अपहृत पत्रकार संदीप कोठारी को जिंदा जलाया गया।

2015ः उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में भी मध्य प्रदेश के बालाघाट जैसा मामला सामने आया यहां पर भी पत्रकार जगेंद्र सिंह को जिंदा जला दिया गया था।

20 अगस्त 2013ः महाराष्ट्र के पत्रकार नरेंद्र दाभोलकर मंदिर के सामने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

2013ः मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान पत्रकार राजेश वर्मा की गोली लगने से मौत हुई थी अब ये गोली किसने चलाई शायद अभी तक खुलासा नहीं हो सका।

26 नवंबर 2014ः आंध्रप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार एमवीएन शंकर की हत्या।

5 सितंबर 2017ः गोरी लंकेश को उनके घर के बाहर ही गोली मार दी गई। उन्हें हिन्दुत्व के खिलाफ आलोचनात्मक रूख रखने के लिए जाना जाता था।

Rajasthan Tourism App - Welcomes to the land of Sun, Sand and adventures
 

Copyright @ 2017 Rajasthankhabre, Jaipur. All Right Reserved.