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Rajasthan Khabre | Updated : Thursday, 07 Dec 2017 04:47:15 PM
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एक परिवार ने राष्ट्र निर्माण में अंबेडकर के योगदान को मिटाने के लिए प्रयास किया: मोदी

A family tried to erase Ambedkar's contribution in nation building: Modi

नई दिल्ली। नेहरू गांधी परिवार पर परोक्ष निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के जाने के बरसों बाद तक राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मिटाने के प्रयास किए जाते रहे लेकिन जिस एक परिवार के लिए ये सब किया गया, उस परिवार से कहीं ज्यादा लोग आज बाबा साहेब से प्रभावित हैं ।
बी आर अंबेडकर अंतरराष्ट्रीय केंद्र के उद्घाटन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब का राष्ट्र निर्माण में जो योगदान है, उस वजह से हम सभी उनके ऋणी हैं। हमारी सरकार का ये प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनके विचार पहुंचें। विशेषकर युवा पीढ़ी उनके बारे में जाने, उनका अध्ययन करें ।
मोदी ने कहा कि बाबा साहेब में अद्भुत शक्ति थी। उनके जाने के बाद बरसों तक राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को मिटाने का प्रयास किया गया, लेकिन बाबा साहेब के विचारों को लोग जनमानस के चिंतन से हटा नहीं पाए। जिस परिवार के लिए ये सब किया गया, उस परिवार के मुकाबले कहीं ज्यादा लोग आज बाबा साहेब से प्रभावित हैं।
उन्होंने कहा कि देश की सामाजिक बुराइयों का जिस व्यक्ति ने जीवनपर्यंत सामना किया हो, वो देश को लेकर उम्मीदों से भरा हुआ था। हमें ये स्वीकारना होगा कि इतने वर्षों बाद भी हम बाबा साहेब की उन उम्मीदों को, पूरा नहीं कर सके हैं ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों के लिए कई बार जन्म के समय मिली जाति, जन्म के समय मिली भूमि से ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है। आज की नई पीढ़ी में वो क्षमता है जो इन सामाजिक बुराइयों को खत्म कर सकती है। पिछले 15-20 वर्षों में जो बदलाव मैं देख रहा हूं, उसका पूरा श्रेय नई पीढ़ी को ही दूंगा ।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के इतने वर्षों बाद भी हमारे देश में ये स्थिति रही कि लाखों-करोड़ों लोगों के जीवन में ये समानता नहीं आई। बहुत बुनियादी चीजें, बिजली कनेक्शन, पानी कनेक्शन, एक छोटा सा घर, जीवन बीमा, उनके लिए जीवन की बहुत बड़ी चुनौतियां बनी रहीं ।
अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि पिछले तीन-साढ़े तीन साल में हमने बाबा साहेब के सामाजिक लोकतंत्र के सपने को ही पूरा करने का प्रयास किया है। इस सरकार की योजनाएं, सामाजिक लोकतंत्र को मजबूत करने वाली रही हैं
सरकार के कार्यक्रमों की आलोचनाओं के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जिन लोगों को गांव गए बहुत दिन हो गए हों, वो अब जाकर देखें। पता लगेगा कि उज्जवला योजना ने कैसे इस फर्क को मिटा दिया है कि कुछ घरों में पहले गैस कनेक्शन होता था और कुछ घरों में लकड़ी-कोयले पर खाना बनता था। ये सामाजिक भेदभाव का बड़ा उदाहरण था जिसे इस सरकार ने खत्म कर दिया है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन से गांव की महिलाओं में समानता का भाव आया है। गांव के कुछ ही घरों में शौचालय होना और ज्यादातर में ना होना, एक विसंगति पैदा करता था। धीरे-धीरे ज्यादातर गांवों में शौचालय बन रहे हैं। एजेंसी

गुजरात चुनाव के पहले चरण में भाजपा-कांग्रेस के बीच हो सकती है कड़ा मुकाबला

In the first phase of Gujarat elections, there may be a tough fight between BJP and Congress.

राजकोट। गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण में भाजपा और कांग्रेस के बीच करीबी मुकाबला होने की संभावना है। इस चरण के लिए कल प्रचार अभियान थम जायेगा। कांग्रेस में जमीनी स्तर पर चुनाव प्रबंधन का काम देख रहे नेताओं के चुनाव पूर्व अनुमान में गत विधानसभा चुनाव की तुलना में पार्टी के पास इस बार अधिक सीटें जीतने का अच्छा मौका है।
वर्ष 2012 में हुए चुनाव में विधानसभा की 182 सीटों में से कांग्रेस को 61 सीटें मिली थी। बीजेपी को 115 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। हालांकि बीजेपी ने कांग्रेस के इस अनुमान को खारिज किया है और कहा है कि पार्टी ज्यादा मजबूती के साथ राज्य की सत्ता में फिर से आएगी।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जोरदार ढंग से पार्टी के लिए प्रचार किया और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने भी इसमे अहम भूमिका निभाई है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐसे समय में पार्टी के प्रचार का नेतृत्व किया है जब कांग्रेस गत 22 वर्षों से इस पश्चिमी राज्य की सत्ता से बाहर है।
पहले चरण का मतदान नौ दिसम्बर को होगा और इस चरण में सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात की 89 विधानसभा सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इस चरण में 977 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

एक ही छत के नीचे होंगे विदेश मंत्रालय के जयपुर के सभी कार्यालय

 now all the offices of the ministry of external affairs jaipur will be under one roof

नई दिल्ली। भारतीय विदेश मंत्रालय के जयपुर के सभी कार्यालय अब एक ही छत के नीचे होंगे। केंद्र ने इसकी मंजूरी दे दी है। जयपुर के झालाना डूंगरी स्थित पासपोर्ट कार्यालय की बिल्डिंग अब विदेश मंत्रालय का केंद्रीय कार्यालय होगा। इसका नाम बदलकर विदेश भवन रखा जाएगा।
विदेश मंत्रालय के काम के लिए अब प्रदेशवासियों को नई दिल्ली के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। भारतीय विदेश मंत्रालय जयपुर के पासपोर्ट कार्यालय को विदेश भवन की तर्ज पर विकसित कर रहा है, जहां पर विदेश मंत्रालय के तमाम कार्यालय एक ही छत के नीचे होंगे। विदेश भवन में सभी विभागों के आने के साथ ही सुविधाओं का दायरा बढ़ाया जाएगा।

भारतीय विदेश मंत्रालय राज्यों में निकटवर्ती क्षेत्रों में सुविधा प्रदान करने की पहल कर रहा है। इसको देचाते हुए जयपुर में संचालित सभी भवनों को एक ही जगह लाया जा रहा है। साथ ही एक निदेशक स्तर के अधिकारी की आने वाले कुछ समय में नियुकति जयपुर मुख्यालय के लिए की जा रही है। इसके बाद से सीतापुरा से ब्यूरो ऑफ इमीग्रेशन, बजाज नगर से इंडियन काउंसिल ऑफ कल्चरल रिलेशन और पासपोर्ट कार्यालय से जुड़ी सभी कार्य एक ही भवन से संचालित होंगे। इसका नाम भी इसके चलते विदेश भवन किया जा रहा है।

जयपुर के कारोबारियों, विदेश में पढ़ने के इच्छुक छात्रों, अरब देशों में काम करने वाले श्रमिकों सहित आम नागरिकों के विदेश मंत्रालय से जुड़े कामों में सहुलियत होगी। आने वाले समय में उपलब्ध सेवाओं का दायरा भी बढ़ाया जाएगा।

पति के थे दूसरी महिला से शारीरिक संबंध लेकिन अब पत्नी ने किसी के साथ भी संबंध बनाने लायक नही छोड़ा...

Husband had physical connection to the other woman but now the wife has not been able to relate to anyone ...

क्राइम डेस्क। यहाँ गुडीथम गांव में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया हैं। जहां एक महिला को एक पड़ोसी ने बताया कि उसके पति के किसी दूसरी महिला के साथ शारीरिक संबंध थे तो इससे गुस्साई पत्नी ने धारदार हथियार से अपने पति का प्राइवेट पार्ट काट डाला।  पीड़ित का नाम जगदीश है और चार बच्चे का पिता है। पारिवारिक झगड़े होने की वजह से जगदीश की पत्नी सरसू पिछले एक साल से मायके में रह रही हैं। इस बीच परिवार के लोगों ने एक बार फिर जगदीश और सरसू को मिलाने की बहुत कोशिश की। दोनों एक बार फिर एक साथ रहने लगे थे लेकिन हाल ही में सरसू को उसके पड़ोसी ने बताया कि जगदीश का किसी महिला से अफेयर चल रहा है। जिसके चलते देर रात दोनों में इस बात लेकर विवाद हुआ।
बाद में नशे में धुत जगदीश रात के करीब 3 बजे सरसू के साथ शारीरिक संबंध बनाने की इच्छा जताई। गुस्से की आग में जल रही सरसू ने सब्जी काटने वाले चाकू से जगदीश का प्राइवेट भाग काट डाला। इसके बाद सरसू ने प्राइवेट पार्ट और वर्दात में इस्तेमाल किया चाकू को बैग में रखा और जगदीशन के परिजनों के पास पहुंचे उन्होंने घटना की जानकारी दी। वहीं दूसरी ओर किसी तरह से जगदीश ने स्वयं अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे वीलर रीफर कर दिया गया। सरसू को उसके मायके से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस पूछताछ में सरसू से अपना गुनाह कबूल कर लिया। पुलिस ने सरसू के पास से वारदात में इस्तेमाल किया चाकू भी लौटा लिया है।

जब से विराट कोहली को मिली कमान तब से होने लगे टीम में कुछ इस तरह के कारनामे...

Ever since Virat Kohli got the command from the beginning, something like this in the team ...

खेल डेस्क। विराट कोहली जब से पूर्णकालिक कप्तान बने है तब से टीम इंडिया को एक भी सीरिज में हार का मुंह नही देखना पड़ा।  श्रीलंका के खिलाफ फिरोजशाह कोटला पर तीसरे टेस्ट में ड्रॉ के साथ ही भारत ने तीन मैचों की शृंखला 1-0 से नाम करते हुए लगातार नौ टेस्ट शृंखला जीतने के ऑस्ट्रेलिया के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली। 
भारत ने ये सभी नौ शृंखलाएं विराट कोहली की कप्तानी में जीती हैं। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 2005 से 2008 के दौरान लगातार नौ शृंखला जीतने का रिकॉर्ड कायम किया था। भारत के विजय अभियान की शुरुआत 2015 में श्रीलंका की सरजमीं पर हुई जब कोहली की अगुआई में टीम ने तीन मैचों की शृंखला 2-1 से जीती और तब से भारत की जीत का क्रम बरकार है।
टीम इंडिया ने इस विजयी क्रम के दौरान स्वदेश में छह, श्रीलंका में दो और वेस्टइंडीज में एक शृंखला जीती। इस दौरान भारत ने 30 मैचों में से 21 मैचों में जीत दर्ज की जबकि सिर्फ दो मैचों में उसे हार झेलनी पड़ी। टीम इंडिया को ये हार श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली। भारत ने पिछली टेस्ट शृंखला 2014-15 में ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर गंवाई थी। तब भारत को चार मैचों की शृंखला में 2-0 से हार का सामना करना पड़ा था। इसी सीरीज के दौरान भारत के सबसे सफल टेस्ट कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कहा था।
इस ड्रॉ के साथ कोटला पर भारत ने अपना अजेय अभियान जारी रखा। टीम इंडिया को इस मैदान पर पिछली हार का सामना 30 बरस से भी अधिक समय पहले नवंबर 1987 में करना पड़ा था जब वेस्टइंडीज ने उसे पांच विकेट से शिकस्त दी थी। इस मैच में वेस्टइंडीज ने चौथी पारी में पांच विकेट पर 276 रन बनाए थे जो इससे पहले भारतीय सरजमीं पर चौथी पारी में बनाया गया सर्वोच्च स्कोर था। श्रीलंका ने पांच विकेट पर 299 रन बनाकर इसे तोड़ दिया।
भारत ने साथ ही स्वदेश में लगातार आठवीं शृंखला अपने नाम की। भारत ने अपनी सरजमीं पर पिछली शृंखला 2012-13 में गंवाई थी जब उसे इंग्लैंड के खिलाफ चार मैचों की शृंखला में 2-1 से शिकस्त का सामना करना पड़ा था। भारत ने स्वदेश में पिछले 26 मैचों में से 20 मैचों में जीत दर्ज की है जबकि एकमात्र मैच इसी साल ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गंवाया।

 
 
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