अपने इस शिष्य को सचिन से भी ज्यादा टैलेंटेड मानते थे रमाकांत आचरेकर, क्रिकेटर ने सात मैचों में ही लगा दिए थे चार शतक

Rajasthan Khabre | Updated : Thursday, 21 Nov 2019 02:06:22 PM
Ramakant Achrekar considered this disciple more talented than Sachin

खेल डेस्क। भारतीय सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल के पास कोलकाता में बांग्लादेश के खिलाफ खेले जाने दूसरे टेस्ट मैच में बाएं हाथ के पूर्व क्रिकेटर विनोद कांबली का सबसे तेज एक हजार रन बनाने का रिकॉर्ड तोडऩे का मौका होगा। 

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विनोद कांबली ने अपने टेस्ट करियर की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की थी। उन्होंने अपने शुरुआत सात टेस्ट मैचों में ही दो दोहरे शतक सहित कुल चार शतक लगा दिए थे। 

इस समय विनोद कांबली को सचिन तेंदुलकर से भी खतरनाक बल्लेबाज माना जाता था। विनोद कांबली और सचिन रमाकांत आचरेकर के शिष्य रहे हैं।  रमाकांत आचरेकर दोनों में से कांबली को ज्यादा टैलेंटेड मानते थे।  

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कांबली और सचिन ने हैरिस शील्ड ट्रॉफी में 664 रन की नाबाद साझेदारी की थी। इस मैच में कांबली ने 349 और सचिन ने 326 रन बनाए थे। इस प्रकार के प्रदर्शन के बाद भी कांबली केवल 17 टेस्ट मैच ही खेल सके। उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 1084 रन बनाए थे।  

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