छोड चूल्हा, साडी पहन मैदान पर उतरी आदिवासी महिलाओं ने लगाए चौके छक्के, video देखें

Rajasthan Khabre | Updated : Thursday, 07 Dec 2017 04:44:23 PM
Women played in Baga

मंडला। मध्यप्रदेश के धुर आदिवासी जिले मंडला की बैगा आदिवासी महिलाएं इन दिनों रसोई का चूल्हा छोड़ क्रिकेट के मैदान में‘चौके-छक्के’जडऩे में जुटी हैं। क्रिकेट के निर्धारित परिधान से इतर आदिवासी स्टाइल में साड़ी पहन मैदान में उतरीं इन महिलाओं के जज्बे से प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान भी इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान मिताली राज और पुरुष टीम कप्तान विराट कोहली को इन महिलाओं का कमाल देखने को आमंत्रित कर डाला।

चौहान ने ट्विटर पर इस आदिवासी क्रिकेट स्पर्धा का वीडियो पोस्ट करके दोनों कप्तानों को टैग करते हुए लिखा है - ये मारा चौका, ये मारा छक्का। देखिये, इन आदिवासी महिलाओं की क्रिकेट टीम का कमाल। यह दिल को छू गया! क्या कहते है आप विराट कोहली और मिताली राज। 

 

प्रदेश के सबसे पिछड़े जिलों में शामिल मंडला में पिछले पांच साल से चल रही इस प्रतिस्पर्धा में इस बार जिले के नौ विकासखंडों की पांच टीमें शामिल हो रही हैं। इन पांच टीमों में से कुछ में निर्धारित 11 खिलाडियों के अलावा कई अतिरिक्त महिलाएं भी हैं, जिन्हें किसी भी आपातकाल की स्थिति में नियत खिलाडियों की जगह लेने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। 

जिला मुख्यालय स्थित पुलिस मैदान पर हो रही इस प्रतियोगिता को देखने के लिए महिला खिलाड़ियों के बच्चे और परिवार भी गांवों से यहां पहुंचते हैं। वर्ष 2013 से यह प्रतियोगिता आयोजित करा रहीं महाकौशल विकास प्राधिकरण की सदस्य और समाजसेवी शशि पटेल ने बताया कि दिल्ली में निर्भया कांड होने के बाद उन्होंने जिले की आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे अपने कार्यों की श्रृंखला में ये प्रतियोगिता भी शुरु करने के बारे में सोचा। 

शुरुआत दो ग्राम पंचायतों सेमरखाता और सिकरिया से हुई, जहां की 11-11 महिलाओं और उनके परिजन को इसके लिए तैयार किया गया। दो टीमों के बीच मैच को जिला स्तर पर प्रोत्साहन मिला, जिसके बाद और ग्राम पंचायतें भी सामने आईं। इस बार का फाइनल मैच मंडला की मेघा नंदा और और बैगा बहुल मवई विकासखंड की द्रोपदी उइके की कप्तानी में हो रहा है।

उन्होंने बताया कि टीम में शामिल सभी महिलाएं गृहिणी हैं, जो कभी अपने गांवों से बाहर नहीं निकलीं थीं। उनके परिवार को समझाना कठिन था, लेकिन पुलिस प्रशासन ने भी इस दिशा में सहयोग देते हुए महिलाओं की सुरक्षा का आश्वासन दिया। महिला खिलाडियों के लिए प्राथमिक उपचार से लेकर प्रतियोगिता के लिए सामान की व्यवस्था भी पटेल स्वयं ही करती हैं।
 

 

Copyright @ 2017 Rajasthankhabre, Jaipur. All Right Reserved.