Health Care Tips: सर्दियों में बाजरे की रोटी का जरूर करें सेवन मिलते हैं सेहत को कई बड़े फायदे !

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इस बात को हम सभी अच्छी तरह जानते हैं कि सर्दियों का मौसम बहुत ही खूबसूरत और सुहावना होता है लेकिन इस बात से भी मना नहीं किया जा सकता कि सर्दियों के मौसम में सेहत से जुड़ी कई समस्याएं होने लगती है क्योंकि सर्दियों का मौसम अपने साथ कई सारी बीमारियां लेकर आता है और इन बीमारियों की चपेट में आने से हमारी तबीयत भी खराब हो जाती है सर्दियों के मौसम में देखा जाता है कि हमारी इम्यूनिटी पावर कम होने लगती है और इस दौरान हमारा पाचन तंत्र भी ठीक तरह से काम नहीं करता है जिसकी वजह से हमें कई तरह की स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है सर्दी के मौसम में होने वाली इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए आपको नियमित रूप से बाजरे के आटे से बनी रोटी का सेवन करना चाहिए इसका सेवन करने से आपकी सेहत में कई तरह के सुधार देखने को मिलते हैं और आपको कई फायदे मिलते हैं आइए जानते हैं विस्तार से -

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* सर्दियों के मौसम में आपको बाजरे के आटे से बनी रोटी का सेवन जरूर करना चाहिए क्योंकि इसका सेवन करने से हमारी सेहत में कई तरह के सुधार देखने को मिलते हैं बाजरे का आटा हमारे पाचन तंत्र को भी दुरुस्त करने में कारगर होता है और इसके साथ ही इसका सेवन करने से पेट से जुड़ी समस्याएं अपच और कब्ज तथा पेट दर्द से भी राहत मिलती है।


* अगर आपको भी बाजरे की रोटी का स्वाद पसंद नहीं आता है तो आप इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए रोटी बनाते समय उसमें हींग लहसुन और काला नमक इस्तेमाल कर सकते हैं इनके इस्तेमाल से रोटी का स्वाद बढ़ जाएगा और लहसुन में पाए जाने वाले पोषक तत्व आपके शरीर में इम्यूनिटी पावर को बढ़ाने में मदद करेंगे। 

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* आपको बता दें कि हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि बाजरे की रोटी का सेवन दिल से जुड़ी बीमारियों के लिए बहुत फायदेमंद होता है इसका सेवन करने से नसों में ब्लॉकेज की समस्या कम होती है जिसकी वजह से हमारे शरीर में ब्लड सरकुलेशन ठीक बना रहता है और आपको दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी नहीं रहता है।


* बाजरे की रोटी में अच्छी राशि मात्रा में आयरन पाया जाता है जो हमारे शरीर में आयरन की कमी को दूर करने में कारगर होती है ऐसे लोग जो आयरन की कमी से पीड़ित है इनके लिए बाजरे की रोटी का सेवन रामबाण उपाय माना जाता है और इसका सेवन करने से एनीमिया जैसी खतरनाक बीमारी का खतरा भी कम हो जाता है।