Health Care Tips: रात को सोते समय बिल्कुल भी ना करें इन चीजों का सेवन, वरना होगी कई परेशानियां !

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सर्दियों के मौसम में देखा जाता है कि बाजार में आपको तरह-तरह की सब्जियां देखने को मिलती है जिनका आप सेवन करने लगते हैं और सर्दियों के मौसम में खासकर भूख भी ज्यादा लगती है लेकिन ऐसे मैं आपको कुछ भी खाने से बचना चाहिए क्योंकि इनमें कुछ ऐसे पदार्थ होते हैं जो आपकी नींद को बिगाड़ सकते हैं और इसके अलावा भी कई समस्याओं का कारण बन सकते हैं। आइए इस लेख के माध्यम से आपको बताते हैं कि रात को सोते समय आपको किन किन चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए वरना आपको रात में कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते है इन चीजों के बारे में विस्तार से -


* ब्रोकोली :

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हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि रात को सोते समय आपको ब्रोकोली का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि ब्रोकोली में ट्रिप्टोफैन पाया जाता है। ये नींद लाने में मदद करता है। लेकिन अगर आप सोने से तुरंत पहले ब्रोकोली को आप कच्चा सेवन कर लेते हैं तो इसकी वजह से आपको नींद से जुड़ी समस्या हो सकती है क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा ज्यादा पाई जाती है जिसको पचाने में टाइम लगता है इसलिए सोने से तुरंत पहले कभी भी इसका सेवन ना करें वरना आपको सोने में मुश्किल हो सकती है।


* टमाटर का ना करें सेवन :

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हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि आपको सोने से तुरंत पहले टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि टमाटर अम्लीय होता है और इसकी वजह से आपको रात में अपच की समस्या हो सकती है इसके अलावा टमाटर में टायरामाइन भी पाया जाता है। यह एक तरह का अमीनो एसिड होता है जो हमारी मानसिक गतिविधियों को बढ़ाने में मदद करता है जिसकी वजह से रात को हमारी नींद खराब हो सकती हैं।


* ज्यादा मसालेदार खाना :

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि ज्यादा मसालेदार खाना खाने से एसिडिटी की समस्या हो सकती है और इस एसिडिटी की वजह से हमारी नींद खराब हो सकती है। कहीं बाहर ज्यादा मसालेदार खाना खाने की वजह से आपको गर्माहट महसूस हो सकती है और इसकी वजह से भी आपको नींद से जुड़ी कई समस्या हो सकती हैं।


* चिकन का ना करें सेवन :

हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि चिकन में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है और इस प्रोटीन को पचाने के लिए बहुत ज्यादा ऊर्जा की आवश्यकता होती है चिकन में पाए जाने वाले प्रोटीन में अमीनो एसिड टायरोसिन पाया जाता है जिसकी वजह से हमारी मस्तिष्क की गतिविधि बढ़ जाती है और हमारी नींद कई तरह की समस्या होने लगती है।