Health Care Tips: फेकने से पहले जरूर जान ले पपीते के बीज के फायदे, सेहत के लिए है फायदेमंद !

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सर्दियों का मौसम अपने साथ कई तरह की बीमारियां लेकर आता है ठंड के मौसम में नमी की वजह से फंगस और बैक्टीरिया तेजी से फैलने लगते हैं और सर्दियों के मौसम में हमारी इम्यूनिटी कमजोर होने लगती है और कमजोर इम्यूनिटी की वजह से इस मौसम में हमें तरह-तरह की बीमारियां अपना शिकार बनाने लगती है। सर्दियों के मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ने लगती है। अधिकतर लोग अपच और कब्ज तथा पेट दर्द की समस्या से परेशान रहता है आपको बता दें कि सर्दियों में मिलने वाला एक फल आपको इस मौसम में होने वाली कई मौसमी बीमारियों से बचा सकता है। इस फल का नाम है पपीता। हेल्थ एक्सपर्ट बताते हैं कि इस पपीते के सेवन के साथ साथ इस पपीते के बीज भी हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। आइए जानते है इसके बारे में विस्तार से -

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* पपीते के बीज से मिलने वाले फायदे :

1. आपने देखा होगा कि अधिकतर लोग पपीते का सेवन करने के बाद उस में निकलने वाले बीजों को कचरे में फेंक देते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि पपीते की तरह ही पपीते के बीज भी हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होते है। क्योंकि इन बीजों में भी कई पोषक तत्व पाया जाता है जिसमें फास्फोरस और मैग्नीशियम तथा प्रोटीन के साथ कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है इसके अलावा पपीते के बीजों में एंटीऑक्सीडेंट गुण भी पाए जाते हैं जो हमारी सेहत के लिए फायदेमंद होता है।


* पपीते के बीज का इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले पपीते से बीज निकालकर इन्हें अच्छी तरह सुखा लेना है इसके बाद इन बीजों को पीसकर इनका पाउडर तैयार करें और इस पाउडर का इस्तेमाल करें। पपीते के बीज में एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो हमारी बॉडी में होने वाली फूड प्वाइजनिंग की समस्या को दूर करने में कारगर होते हैं। पपीते के बीज में पाया जाने वाला फाइबर पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में कारगर होता है। पपीता के बीज से बना पाउडर का सेवन हमारे लिवर के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।

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* पपीते के बीज सर्दी जुखाम और अन्य दूसरी मौसमी बीमारियों में राहत पाने के लिए कारगर माना जाता है। पपीते के बीज का सेवन हार्ट से संबंधित बीमारियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता है। इसका सेवन करने से हार्ड अटैक का खतरा भी कम हो जाता है ।और बीपी की समस्या भी कंट्रोल में रहती है।