Travel tips: प्रयागराज जाने पर इन जगहों का जरूर करें दीदार

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देश में जब भी कभी सबसे बड़े मेले की बात की जाती हैं तो कुभ मेले का नाम सामने आता हैं जिसे प्रयागराज में भव्य तौर पर आयोजित किया जाता हैं। इस मेले में सम्मिलित होने के लिए लाखों लोग पहुंचते हैं और पवित्र स्नान का पूण्य प्राप्त करते हैं। उत्तरप्रदेश में स्थित प्रयागराज को अपनी धार्मिक आस्था के लिए जाना जाता हैं।  हम आपको यहां प्रयागराज की उन जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं जो पर्यटन के लिहाज से प्रसिद्द हैं। ये जगहें अपनी सुंदरता से आपको मंत्रमुग्ध कर देगी। आइये जानते हैं इनके बारे में...

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त्रिवेणी संगम: हिंदू धर्म में तीन सबसे महत्वपूर्ण नदियों का मिलन, त्रिवेणी संगम, प्रयागराज में स्थित एक पवित्र स्थान है। यह प्रयागराज में घूमने के लिए सबसे लोकप्रिय और पवित्र स्थानों में से एक है, और अक्सर धर्म के कुछ सबसे महत्वपूर्ण मेलों और त्यौहारों की मेजबान करता है।

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संकटमोचन हनुमान मंदिर: दारागंज मोहल्ले में गंगा जी के किनारे संकटमोचन हनुमान मंदिर है। यह कहा जाता है कि संत समर्थ गुरू रामदास जी ने यहां भगवान हनुमान जी की मूर्ति स्थापित की थी। शिव-पार्वती, गणेश, भैरव, दुर्गा, काली एवं नवग्रह की मूर्तियां भी मंदिर परिसर में स्थापित हैं। इस मंदिर के पास श्री राम जानकी मंदिर एवं हरित माधव मंदिर भी हैं।

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अशोक स्तम्भ: गुप्त युग का एक महत्वपूर्ण अवशेष, प्रयागराज स्तंभ मौर्य सम्राट अशोक द्वारा स्थापित कई स्तंभों में से एक है। बलुआ पत्थर से निर्मित इस संरचना मेंचौथी ईसा पूर्व और 17 वीं शताब्दी के समुद्रगुप्त और जहांगीर युग के शिलालेख हैं। हालांकि, प्रयागराज किले को इसकी मूल जगह से अशोक प्रयागराज किले में स्थानांतरित कर दिया गया था, जो कि वर्तमान में सेना की भूमि है। इस प्रकार, प्रयागराज स्तंभ पर जाने से पहले पर्यटकों को पहले अनुमति लेनी पड़ती है।

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श्री वेणी माधव मंदिर: मान्यता है कि ब्रह्मा जी प्रयागराज की धरती पर जब यज्ञ कर रहे थे, तब उन्होंने प्रयागराज की सुरक्षा हेतु भगवान विष्णु से प्रार्थना कर उनके बारह स्वरूपों की स्थापना करवाई थी। प्रयागराज के बारह माधव मंदिरों में प्रसिद्ध श्री वेणी माधव जी का मंदिर दारागंज के निराला मार्ग पर स्थित है।