इन चीजों से हुई थी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पहचान 

Rajasthan Khabre | Updated : Thursday, 21 May 2020 06:17:32 PM
Rajiv Gandhi's death anniversary today

इंटरनेट डेस्क। आज ही के दिन 29 साल पहले रात लगभग 10.10 मिनट पर कुछ ऐसा हुआ, जिसके बाद भारत में खामोशी छा गई थी। 21 मई, 1991 को मद्रास से लगभग 30 मील दूर श्रीपेरमबुदूर में आयोजित एक रैली के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की एलटीटीई के उग्रवादियों ने आत्मघाती हमले के माध्यम से हत्या कर दी थी। 

 

क्या कांग्रेस के लिए लाभकारी साबित होगी राहुल गांधी की ये योजना?

इस रात लगभग 10.10 मिनट पर भारत के सबसे युवा प्रधाननमंत्री राजीव गांधी श्रीपेरमबुदूर की रैली स्थल पर पहुंचे। इस दौरान कार से निकलते ही राजीव गांधी ने सभी का अभिवादन किया। इसके बाद हमलावर धनु ने जैसे ही राजीव गांधी को माला पहनाई और तभी एक धमाके में राजीव गांधी सहित अनेक लोगों के चीथड़े उड़ गए।

ऐसी थी देश के सबसे युवा प्रधानमंत्री राजीव गांधी की प्रेम कहानी 

इसके बाद देश में सन्नाटा छा गया। पूर्व पीएम राजीव गांधी के शव की पहचान उनके पहने हुए लोटो के जूते और घड़ी के आधार पर की गई। राजीव गांधी की हत्या का कारण उनके प्रधानमंत्री काल में श्रीलंका में शांति प्रयासों के लिए भारतीय सैन्य टुकडिय़ों को वहां भेजने को माना जाता है। बताया जाता है कि राजीव गांधी लिट्टे के निशाने पर आ गए थे।   
 


 
loading...

 
Latest News


Copyright @ 2017 Rajasthankhabre, Jaipur. All Right Reserved.