महाभारत युद्ध में 18 दिन तक श्रीकृष्ण ने आखिर क्यों खाई थी केवल मूंगफलियां, जानिए रहस्य

Rajasthan Khabre | Updated : Tuesday, 15 Sep 2020 02:24:35 PM
Why did Shri Krishna eat only peanuts for 18 days in Mahabharata war

महाभारत के युद्ध को इतिहास के सबसे बड़े युद्ध के रूप में देखा जाता है जिसमे कई बड़े बड़े योद्धाओं ने भाग लिया था। श्रीकृष्ण की 1 अक्षौहिणी नारायणी सेना मिलाकर कौरवों के पास 11 अक्षौहिणी सेना थी तो पांडवों ने 7 अक्षौहिणी सेना एकत्रित कर ली थी। इस तरह इस युद्ध में 45 लाख से ज्यादा योद्धाओं ने हिस्सा लिया।

 

सवाल यह उठता है कि इन 45 लाख लोगों के लिए भोजन कौन बनाता था और कैसे यह सब प्रबंध करता था? आज हम आपको इसी बारे में बताने जा रहे हैं।

महाभारत युद्ध की घोषणा हुई तो कई लोग कौरवों की तरफ से लड़े तो कुछ पांडवों की तरफ से। इस दौरान कई ऐसे भी राजा थे जिन्होंने तटस्थ रहना तय किया था।

उन्हीं में से एक उडुपी के राजा भी थे। किंवदंती के अनुसार उन्होंने श्रीकृष्ण के पास जाकर उनसे पूछा कि इस युद्ध में लाखों की संख्या में योद्धा लड़ेंगे तो उनके लिए भोजन कहाँ से आएगा? बिना भोजन के तो कोई योद्धा लड़ ही नहीं पाएगा। मैं चाहता हूं कि दोनों पक्षों के सैनिकों के लिए भोजन का प्रबंध मैं करूं। श्री कृष्ण ने उन्हें ये अनुमति दे दी।

लेकिन अब राजा के मन में सवाल ये था कि हर रोज योद्धा इस युद्ध में मारे जाएंगे तो किस हिसाब से खाना बनवाया जाए कि खाना कम या ज्यादा ना पड़े और अन्न का अपमान भी ना हो। उनकी इस चिंता का हल श्रीकृष्ण ने निकाल लिया था।

ये बेहद आश्चर्य वाली बात है कि 18 दिन चलने वाले इस युद्ध में कभी भी खाना कम नहीं पड़ा और न ही बड़ी मात्रा में बचा। यह कैसे संभव हुआ? मान्यता के अनुसार इसका श्रेय श्रीकृष्ण को दिया जाता है। इस बारे में एक कथा ये है कि जब श्री कृष्ण शाम को भोजन करते थे तो उन्हें पता चल जाता था कि आज कितने सैनिक मरने वाले हैं।


 
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