India-Pakistan: करतारपुर कॉरिडोर ने दो बिछड़े भाइयों को 74 साल बाद मिलवाया, यहां देखें भावुक वीडियो

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Kartarpur Corridor

भारत-पाकिस्तान के बंटवारे में बिछड़े दो भाइयों की जिंदगी में खुशियां लेकर आया है पाकिस्तान का करतारपुर कॉरिडोर। बंटवारे के समय एक भाई अपने दूसरे भाई से जुदा हो गया था। लेकिन करतारपुर कॉरिडोर पर 74 साल बाद दोनों भाइयों की मुलाकात हुई। जिनमें से एक का नाम मुहम्मद सिद्दीकी हैं तो दूसरे का नाम हबीब। सिद्दीकी पाकिस्तान के फैसलाबाद में रहते है और हबीब भारत के पंजाब स्थित फुल्लनवाला में अपने परिवार के साथ रहते है। 

पूरे 74 सालों बाद दोनों भाइयों की करतारपुर कॉरिडोर पर मुलाकात हुई तो दोनों भावुक हो गए। मौके पर मौजूद परिजन भी आंखों में आंसू रोक नहीं पाए। इस भावुक क्षण में गुरुद्वारा प्रबंधन के अधिकारी भी मौजूद थे। जिन्होंने इस मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। 

Kartarpur Corridor

पिछले साल भी हुई थी दो दोस्तों की मुलाकात 

पिछले साल नवंबर में 73 साल बाद दो दोस्त भी कॉरिडोर पर मिले थे। भारत में रहने वाले सरदार गोपाल सिंह और पाकिस्तान के मुहम्मद बशीर की वह मुलाकात काफी भावुक थी। इसी तरह 2019 में भी कॉरिडोर पर दो बिछड़े भाई मिले थे। जिनमें एक भारत के दलबीर सिंह और पाक के अमीर सिंह से थे। 

Kartarpur Corridor

करतारपुर कॉरिडोर के बारे में जानें 

भारत में पंजाब के डेरा बाबा नानक से अंतरराष्ट्रीय सीमा तक कॉरिडोर का निर्माण किया गया हैं। वही, पाकिस्तान के नारोवाल जिले से गुरुद्वारे तक कॉरिडोर बनाया गया है। गुरु नानक देव जी द्वारा करतारपुरा गुरूद्वारे की नींव रखी गई थी। भारत के लोगों के लिए यहां जाने के लिए फ्री वीजा की व्यवस्था हैं।