शीघ्र ही जयपुर में वंशावली संरक्षण एवं संवद्र्धन अकादमी का कार्यालय शुरू किया जाएगा: Ashok Gehlot

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जयपुर। वंशावली लेखन की परंपरा भारत में ही है। वंशावलियां हमें अपने गौरवशाली अतीत की जानकारी देती हैं। वंश लेखक संसाधनों के अभाव में भी लेखन कार्य कर रहे हैं, यह बड़ी उपलब्धि है। राज्य सरकार वंश लेखकों के हितों के लिए योजनाएं बना रही है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हरीशचन्द्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान के सभागार में वंशावली संरक्षण एवं संवद्र्धन अकादमी द्वारा आयोजित वंश लेखक सम्मेलन और प्रतिभा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए ये बात कही है। उन्होंने कहा कि वंश लेखन परंपरा हमारी सभ्यता और संस्कृति का महत्वपूर्ण अंग है। वंश लेखकों के पास हमारी विरासत के महत्वपूर्ण भंडार है।

इस संबंध में उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी कि शीघ्र ही जयपुर में वंशावली संरक्षण एवं संवद्र्धन अकादमी का कार्यालय शुरू किया जाएगा। यहां से प्रदेश के वंश लेखकों के उत्थान में कार्य संपादित होंगे। समारोह में वंश लेखकों के प्रतिभावान बच्चों को स्मृति चिंह देकर सम्मानित किया। वरिष्ठ वंश लेखकों से लेखन पद्धति की जानकारी भी ली।