संविधान में उल्लेखित मौलिक अधिकारों से हमें अपना हक मिलता है: गोविन्द राम मेघवाल

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जयपुर। संविधान दिवस के अवसर पर हमें न सिर्फ स्वतंत्र भारत का नागरिक होने का अहसास होता है, बल्कि संविधान में उल्लेखित मौलिक अधिकारों से हमें अपना हक मिलता है, साथ ही लिखित मूल कर्तव्यों से हमें नागरिक के तौर पर अपनी जिम्मेदारियों की याद भी दिलाता है। 

ये बात आपदा प्रबन्धन एवं सहायता, प्रशासनिक सुधार और समन्वय, सांख्यिकी एवं नीति निर्धारण मंत्री गोविन्द राम मेघवाल ने आज जनप्रतिनिधियों के साथ संविधान दिवस के अवसर पर अम्बेडकर सर्किल, जयपुर स्थित बाबा साहेब डॉ भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति पर माल्यार्पण करने के बाद कही है। 

इस अवसर पर मेघवाल ने कहा कि बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के 125वें जन्म-दिवस के अवसर पर घोषित संविधान दिवस हर वर्ष 26 नवम्बर को मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने भारतीय संविधान के निर्माण में अहम भूमिका निभाई।

भारत का संविधान विश्व में सबसे बड़ा लिखित संविधान है। डॉ. अम्बेडकर स्वतंत्र भारत के पहले दलित कानून मंत्री थे और उन्होंने देशभर के दलितों के विकास एवं उत्थान के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य किए है।