Gold Price Today: सोने में ₹3,000 और चांदी में ₹5,000 की तेज़ छलांग, जानिए क्यों बढ़े दाम

दो दिनों की गिरावट के बाद गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और वैश्विक बाजार में बढ़ती खरीदारी के चलते घरेलू सर्राफा बाजार में सोना एक बार फिर रिकॉर्ड ऊंचाई की ओर बढ़ता नजर आया। वहीं, चांदी की कीमत भी लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में बढ़कर नए स्तर पर पहुंच गई।

बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों, डॉलर इंडेक्स में गिरावट और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर नरम रुख की उम्मीदों ने कीमती धातुओं को मजबूती दी है। अब निवेशकों की निगाह अमेरिका से आने वाले रोजगार आंकड़ों और फेड की अगली मौद्रिक नीति पर टिकी हुई है।

दिल्ली में सोना ₹3,000 महंगा

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गुरुवार को सोने की कीमत में ₹3,000 प्रति 10 ग्राम की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ताजा बाजार भाव के अनुसार—

  • सोना: ₹1,47,500 प्रति 10 ग्राम
  • पिछले कारोबारी सत्र का भाव: ₹1,44,500 प्रति 10 ग्राम

दो दिनों की गिरावट के बाद आई इस तेजी ने सर्राफा बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है।

चांदी लगातार तीसरे दिन चढ़ी

सोने के साथ-साथ चांदी में भी मजबूत तेजी बनी रही।

गुरुवार को चांदी की कीमत ₹5,000 प्रति किलोग्राम बढ़कर ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम पहुंच गई। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव ₹2,35,000 प्रति किलोग्राम था।

विशेषज्ञों के अनुसार औद्योगिक मांग और निवेशकों की खरीदारी दोनों ने चांदी की कीमतों को समर्थन दिया।

आखिर क्यों बढ़े सोने और चांदी के दाम?

कमोडिटी बाजार के जानकारों का कहना है कि इस तेजी के पीछे कई वैश्विक कारण जिम्मेदार हैं।

मुख्य वजहें—

  • अमेरिकी डॉलर में कमजोरी
  • अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मजबूत मांग
  • ब्याज दरों को लेकर नरम उम्मीदें
  • सुरक्षित निवेश (Safe Haven) की बढ़ती मांग
  • वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता

डॉलर कमजोर होने पर अन्य देशों के निवेशकों के लिए सोना अपेक्षाकृत सस्ता हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग बढ़ती है और कीमतों को सहारा मिलता है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रही तेजी

विदेशी बाजारों में भी कीमती धातुओं की कीमतों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई।

ताजा कारोबार में—

  • स्पॉट गोल्ड: करीब 4,070.04 डॉलर प्रति औंस
  • स्पॉट सिल्वर: लगभग 59.89 डॉलर प्रति औंस

अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई इस तेजी का असर भारतीय सर्राफा बाजार पर भी साफ दिखाई दिया।

विशेषज्ञों की क्या है राय?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदों ने सोने को मजबूती दी है।

जानकारों के अनुसार अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में नरमी और जापानी येन में मजबूती से डॉलर पर दबाव बना, जिससे सोने में निवेश बढ़ा। इसी कारण सोने और चांदी दोनों की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला।

अब किन आंकड़ों पर रहेगी बाजार की नजर?

अब निवेशकों की निगाह अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल (Non-Farm Payrolls) आंकड़ों पर रहेगी।

यह रिपोर्ट अमेरिकी श्रम बाजार की स्थिति और फेडरल रिजर्व की आगामी ब्याज दर नीति के संकेत दे सकती है। यदि आंकड़े उम्मीद से कमजोर या मजबूत आते हैं, तो सोने, चांदी और अमेरिकी डॉलर में फिर से तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि साल 2026 की दूसरी छमाही में भी सोने की कीमतों की दिशा ब्याज दरों, डॉलर की चाल और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाओं से तय होगी।

निवेशकों को क्या करना चाहिए?

कीमती धातुओं में हालिया तेजी के बीच निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने से बचना चाहिए। विशेषज्ञों की सलाह है कि निवेश करने से पहले बाजार की चाल, वैश्विक आर्थिक संकेतकों और अपनी वित्तीय जरूरतों का आकलन जरूर करें।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सोना और चांदी में निवेश से पहले किसी प्रमाणित वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।

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