Pradyumna Chaturthi 2026: किस दिन हैं प्रद्युम्न चतुर्थी, जाने इसकी सही तिथि और पूजा की विधि
- byShiv
- 17 Jun, 2026
इंटरनेट डेस्क। हिंदू धर्म में प्रत्येक चतुर्थी तिथि का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है। यह तिथि भगवान गणेश की पूजा और व्रत के लिए समर्पित होती है। मान्यता है कि चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा की श्रद्धापूर्वक आराधना करने से जीवन के सभी विघ्न दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। जून माह में पड़ने वाली चतुर्थी को प्रद्युम्न चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। प्रद्युम्न का अर्थ अत्यंत तेजस्वी और ऊर्जा से भरपूर होता है। ऐसे में आइए जानते हैं प्रद्युम्न चतुर्थी 2026 की सही तिथि क्या है, साथ ही जानेंगे पूजा का शुभ समय क्या रहेगा।
कब है प्रद्युम्न चतुर्थी 2026?
वैदिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष प्रद्युम्न चतुर्थी तिथि का आरंभ 17 जून की रात 9 बजकर 38 मिनट से होगा, इसका समापन 18 जून की शाम 6 बजकर 58 मिनट पर होगा, ऐसे में उदया तिथि को ध्यान में रखते हुए प्रद्युम्न चतुर्थी का व्रत 18 जून, गुरुवार को रखा जाएगा।
ऐसे करें भगवान गणेश की पूजा
प्रद्युम्न चतुर्थी के दिन सुबह जल्दी स्नान करके साफ वस्त्र पहनें और व्रत का संकल्प लें।
इसके बाद मंदिर में लाल या पीला व्रत बिछाकर गणेश जी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें और दीपक जलाएं।
भगवान गणेश को लाल चंदन का तिलक लगाएं, अक्षत अर्पित करें और उनकी प्रिय दूर्वा जरूर चढ़ाएं।
इसके बाद मोदक, लड्डू या अन्य मिठाइयों का भोग लगाएं।
पूजा के दौरान श्रद्धापूर्वक श्ॐ गं गणपतये नमः मंत्र का जाप करें और व्रत कथा का पाठ करें।
अंत में कपूर या दीपक से गणेश जी की आरती उतारें और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करें।
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