केन्द्र सरकार के नकारात्मक रवैये के कारण अभी तक राजस्थानी भाषा को मान्यता नहीं मिल सकी है: Ashok Gehlot

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Ashok Gehlot

जयपुर। सरकार द्वारा किए जाने वाले विकास कार्यों को सकारात्मक रूप में जनता तक पहुंचाने में समाचार पत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ये बात मुुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में आयोजित माणक अलंकरण समारोह को संबोधित करते हुए कही।

 इस संबंध में उन्होंने ट्वीट किया कि समाचार पत्र निकालना तथा समाचारों की गुणवत्ता एवं विश्वसनीयता बनाए रखना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। कोविड महामारी के दौरान समाचार पत्रों के प्रकाशन में कई नई चुनौतियां आई।
राजस्थानी भाषा को मान्यता दिलाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में समाचार पत्रों का अहम योगदान है।

राज्य सरकार द्वारा राजस्थानी भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। केन्द्र सरकार के नकारात्मक रवैये के कारण अभी तक राजस्थानी भाषा को मान्यता नहीं मिल सकी है। जल्द ही मान्यता दिलाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए एक बैठक आयोजित की जाएगी।