हम सभी देश से 2025 तक टीबी की बीमारी को मिटाने का संकल्प लें- कलराज मिश्र

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राजस्‍थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने प्रदेश के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, स्वैच्छिक संगठनों और आमजन से 'निक्षय मित्र’ के तौर पर 'प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान’ से जुड़कर टीबी मरीजों को गोद लेने की अपील की और सभी से देश से 2025 तक टीबी की बीमारी को मिटाने का संकल्प लेने को कहा। मिश्र ने अभियान के प्रभावी संचालन के लिए शुक्रवार को राजभवन में बुलाई बैठक में स्वयं निक्षय मित्र के रूप में टीबी (क्षय) रोगियों को गोद लेने की घोषणा की। राजभवन में भी शुक्रवार से टीबी उन्मूलन प्रकोष्ठ द्बारा सक्रिय रूप में कार्य प्रारम्भ कर दिया गया।

मिश्र ने कहा कि विश्व में टीबी उन्मूलन के लिए वर्ष 2030 का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने 2025 तक टीबी की बीमारी को हराने का संकल्प लिया है। इसी के अनुरूप, राजस्थान में भी हमें रणनीति बनाकर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि टीबी रोग उन्मूलन के कार्यों के साथ साथ समुचित पोषाहार के लिए भी हमें प्रतिबद्ध होकर कार्य करना होगा।

उन्होंने कहा कि टीबी मरीज के शरीर की प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो जाती है। मरीज को यदि पौष्टिक आहार मिले, तो उस पर दवाइयों का असर जल्दी होता है और वह शीघ्र ठीक होकर स्वस्थ जीवन जीने लगता है। उन्होंने कहा कि निक्षय मित्र बनकर हम टीबी रोगियों को पर्याप्त पोषण युक्त आहार, किट व अन्य सामग्री उपलब्ध करवाने में मदद कर सकते हैं।

राज्यपाल ने कहा कि टीबी सिर्फ एक शारीरिक रोग ही नहीं है, बल्कि यह मानसिक, आर्थिक और सामाजिक स्तर पर भी हर तरह से मरीज को प्रभावित करता है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शासन सचिव डॉ. पृथ्वी ने क्षय रोग उन्मूलन के लिए राज्य सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। राज्य क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. विनोद गर्ग ने बताया कि राज्य में इस वर्ष अब तक एक लाख 22 हजार टीबी मरीज चिन्हित किए गए हैं और 74850  मरीजों ने निक्षय संबल योजना में लाभ प्राप्त करने के लिए सहमति प्रदान की है। राज्‍य में करीब 38 हजार मरीजों को 245 निक्षय मित्रों से जोड़ा गया है।