उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जताई संसद और विधानसभाओं में सदस्यों के अमर्यादित आचरण पर गहरी चिंता

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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बीते मंगलवार राजस्थान प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने राजस्थान विधानसभा सत्र में हिस्सा लिया। सत्र के दौरान विधानसभा में अभिनन्दन समारोह को सम्बोधित करते समय धनखड़ ने व‍िधाय‍िका के कामकाज को जीवंत और स्वस्थ लोकतंत्र की कुंजी बताते हुए कहा कि ये संस्थाए प्रामाणिक रूप से लोगों की इच्छा के साथ-साथ उनकी आकांक्षाओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। 

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धनखड़ ने संसद और विधानसभाओं में सदस्यों के अमर्यादित आचरण पर गहरी चिंता भी जतायी एवं इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए कड़ी चुनौती बताया। उन्‍होंने कहा कि शालीनता और अनुशासन ही लोकतंत्र की आत्मा है। उन्‍होंने कहा कि संसद और विधानमंडलों का कामकाज एक जीवंत और स्वस्थ लोकतंत्र की कुंजी है। 

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ये संस्थाए प्रामाणिक रूप से लोगों की इच्छा के साथ-साथ उनकी आकांक्षाओं का भी प्रतिनिधित्व करते हैं। लोकतंत्र के इन मंदिरों में जन प्रतिनिधियों को महत्वपूर्ण संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करना आवश्यक है।