केवल 5 वर्ष की उम्र में पोलियो ने बना दिया था दिव्यांग, अब सुधीर ने Commonwealth Games 2022 में स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास

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खेल डेस्क। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत की ओर से पहला स्वर्ण पदक 27 वर्षीय सुधीर ने जीता है। बर्मिंघम में चल रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के सावतें दिन पैरा-पावरलिफ्टिंग की पुरुषों के हेवीवेट कैटेगरी में सुधीर ने स्वर्ण पदक जीता है।  सुधीर ने 212 किलो वजन उठाकर रिकॉर्ड 134.5 अंक के साथ स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा है। 

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आज हम आपको कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में स्वर्ण पदक जीतने वाले सुधीर के बारे में ऐसी जानकारी देने जा रहे हैं जिसके बारे में शायद ही किसी को पता होगा। सुधीर को केवल 5 वर्ष की उम्र में पोलियो ने दिव्यांग बना दिया। कुछ साल गुजरने के बाद सुधीर ने खुद को फिट रखने के लिए पावरलिफ्टिंग का सहारा लिया था। इस खेल से उन्हें हौंसला मिला। 

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के स्वर्ण पदक विजेता सुधीर ने 18 साल की उम्र में पावरलिफ्टिंग  प्रारम्भ की थी। इसके बाद केवल तीन साल की मेहनत के दम पर वह राष्ट्रीय चैम्पियन बनने में सफल रहे।  आपको जानकार हैरानी होगी कि वह पिछले सात साल से नेशनल्स में पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीत रहे हैं।