10 रुपये की यह छोटी सी चीज़ बढ़ा देगी आपके शरीर की इम्युनिटी, पाचन भी रहेगा दुरुस्त

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अगर आपका डाइजेशन कमजोर है या मौसम बदलने पर आपको आसानी से सर्दी-खांसी हो जाती है, तो ये कमजोर इम्यूनिटी के संकेत हैं। इस मौसम में, मानसून शुरू हो गया है, अपनी सेहत का ध्यान रखने के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना बहुत जरूरी है। शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक तरीके भी बहुत काम आते हैं।

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट्स के अनुसार, इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए काली मिर्च सबसे अच्छा उपाय है। क्योंकि काली मिर्च में पिपेरिन नाम का एंटीऑक्सीडेंट एक औषधीय जड़ी-बूटी की तरह काम करता है। अपनी डाइट में काली मिर्च को शामिल करने से नेचुरली आपकी इम्यूनिटी बढ़ती है। तो चलिए आज के आर्टिकल में इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए काली मिर्च का इस्तेमाल करना सीखते हैं और इसके फायदे भी जानते हैं।

काली मिर्च नेचुरली वात, पित्त और कफ दोषों को बैलेंस कर सकती है। काली मिर्च में संतरे से ज्यादा विटामिन C होता है। NCBI की रिसर्च भी कहती है कि काली मिर्च विटामिन C का एक रिच सोर्स है। इसलिए, यह हमारी इम्यूनिटी बढ़ाने में बहुत असरदार है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसके गुण आपके शरीर में एनर्जी बनाए रखते हैं और आपको बीमारियों से दूर रखते हैं।

यह भी याद रखना जरूरी है कि इन फूड्स का सेवन मौसम के हिसाब से करना चाहिए। सर्दियों में कम मात्रा में इनका सेवन करने से शरीर को कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन गर्मियों में इनका ज़्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए काली मिर्च का सेवन कम मात्रा में करें और हेल्दी रहें।

काली मिर्च के कुछ औषधीय गुण

पाचन बेहतर करती है: इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण आपके पेट को साफ करने और पाचन को तेज़ करने में मदद करते हैं।

वात, पित्त और कफ को बैलेंस करती है: काली मिर्च अपनी गर्म प्रकृति के कारण वात और कफ को शांत करती है।

लिवर को हेल्दी रखती  है: काली मिर्च लिवर से नुकसानदायक चीज़ों (टॉक्सिन) को निकालने में मदद करती है, ताकि यह आसानी से और ज़्यादा असरदार तरीके से काम कर सके।

पेट के कीड़े निकालने में फायदेमंद: आयुर्वेद में, काली मिर्च को एक बेहतरीन ‘कृमिनाशक’ दवा माना जाता है, जिससे यह पेट के कीड़ों को मारती है।

अस्थमा के लिए असरदार: काली मिर्च की गर्म प्रकृति और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण छाती में जमा कफ को निकालने में मदद करते हैं, जिससे अस्थमा, पुरानी खांसी और सांस लेने में तकलीफ में बहुत आराम मिलता है।

काली मिर्च का कितना इस्तेमाल करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स के अनुसार, काली मिर्च गर्म होती है, जो शरीर में गर्मी पैदा करती है, इसलिए इसे कम मात्रा में खाना फायदेमंद होता है। अपने खाने में सिर्फ़ 1 या 2 चुटकी काली मिर्च का ही इस्तेमाल करें।

ज़्यादा काली मिर्च खाने के नुकसान

काली मिर्च एक आयुर्वेदिक दवा है, अगर सही मात्रा में इसका सेवन किया जाए तो आप हेल्दी रह सकते हैं, लेकिन ज़्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से आपके शरीर पर इसके साइड इफ़ेक्ट भी हो सकते हैं।

शरीर की गर्मी बढ़ना: काली मिर्च की तासीर गर्म होने की वजह से, अगर आप इसका ज़्यादा सेवन करते हैं, तो शरीर का टेम्परेचर बढ़ सकता है।

सीने में जलन: जिनका पाचन तंत्र सेंसिटिव है या जिन्हें अल्सर की समस्या है, उन्हें ज़्यादा काली मिर्च खाने से सीने में जलन और पेट दर्द हो सकता है।

स्किन की समस्याएँ: ज़्यादा काली मिर्च खाने से चेहरे पर एक्ने, पिंपल्स या रैशेज हो सकते हैं।