होम लोन गाइड: फिक्स्ड EMI या फ्लोटिंग रेट – होमबायर्स के लिए कौन सा विकल्प बेहतर?

घर खरीदना हर परिवार का एक बड़ा सपना होता है और इस सपने को पूरा करने के लिए ज्यादातर लोग होम लोन का सहारा लेते हैं। लेकिन होम लोन लेते समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि फिक्स्ड ब्याज दर चुनें या फ्लोटिंग ब्याज दर। सही फैसला न लेने पर भविष्य में EMI का बोझ बढ़ सकता है, इसलिए इस अंतर को समझना बेहद जरूरी है।

फिक्स्ड रेट होम लोन कितना सुरक्षित है?

फिक्स्ड रेट होम लोन में ब्याज दर एक तय अवधि तक नहीं बदलती। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि EMI हर महीने समान रहती है। इससे होमबायर्स को यह भरोसा मिलता है कि चाहे बाजार में ब्याज दरें कितनी भी बढ़ जाएं, उनकी EMI पर असर नहीं पड़ेगा।

यह विकल्प खासतौर पर पहली बार घर खरीदने वालों, सीमित आय वाले परिवारों और उन लोगों के लिए बेहतर माना जाता है, जिनके लिए EMI में बढ़ोतरी बड़ा जोखिम हो सकती है। हालांकि, फिक्स्ड रेट होम लोन की ब्याज दर आमतौर पर फ्लोटिंग रेट से थोड़ी ज्यादा होती है। इसके अलावा, लोन शिफ्ट करने या समय से पहले चुकाने पर पेनाल्टी भी लग सकती है।

फ्लोटिंग रेट: सस्ता लगता है, लेकिन जोखिम भी है

फ्लोटिंग रेट होम लोन बाजार और केंद्रीय बैंक की नीतियों से जुड़ा होता है। शुरुआत में इसकी ब्याज दर कम होती है, जिससे EMI भी कम रहती है। जब ब्याज दरें घटती हैं, तो इसका फायदा सीधे होमबायर्स को मिलता है।

लेकिन अगर भविष्य में ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो EMI अचानक बढ़ सकती है। इससे मंथली बजट बिगड़ने का खतरा रहता है। यह विकल्प उन होमबायर्स के लिए बेहतर हो सकता है जिनकी आय स्थिर और अच्छी है, जो EMI में उतार-चढ़ाव झेल सकते हैं या जो लोन जल्दी चुकाने की योजना रखते हैं।

फैसला लेने से पहले इन बातों पर जरूर ध्यान दें

विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ कम ब्याज दर देखकर फैसला लेना गलत हो सकता है। सही निर्णय के लिए इन बातों पर गौर करें:

  • नौकरी और आय की स्थिरता
  • परिवार के मासिक खर्च
  • लोन की अवधि
  • भविष्य की वित्तीय जरूरतें

हाइब्रिड होम लोन: संतुलित विकल्प

कुछ बैंक हाइब्रिड होम लोन भी ऑफर करते हैं, जिसमें शुरुआत में ब्याज दर फिक्स्ड रहती है और बाद में फ्लोटिंग हो जाती है। यह उन होमबायर्स के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, जो पूरी तरह जोखिम भी नहीं लेना चाहते और लंबे समय तक फिक्स्ड रेट में भी नहीं फंसना चाहते।

निष्कर्ष

फिक्स्ड और फ्लोटिंग दोनों होम लोन के अपने फायदे और नुकसान हैं। फिक्स्ड EMI सुरक्षा और स्थिरता देती है, जबकि फ्लोटिंग रेट संभावित बचत का मौका देता है। सही विकल्प वही है जो आपकी आय, जोखिम उठाने की क्षमता और भविष्य की योजनाओं के अनुसार हो।