इनकम टैक्स रिफंड में देरी: 63 लाख ITR अब भी प्रोसेस नहीं, जानिए वजह और टैक्सपेयर्स को क्या करना चाहिए
- byrajasthandesk
- 06 Jan, 2026
31 दिसंबर की डेडलाइन निकलने के बाद भी लाखों टैक्सपेयर्स अपने इनकम टैक्स रिफंड का इंतजार कर रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, आकलन वर्ष 2025–26 के लिए करीब 63 लाख इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) अभी तक प्रोसेस नहीं हुए हैं, जिसके कारण रिफंड में देरी हो रही है।
इस स्थिति से कई टैक्सपेयर्स चिंतित हैं, लेकिन टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह देरी सिस्टम की खराबी नहीं, बल्कि सख्त जांच और रिस्क-बेस्ड प्रोसेसिंग की वजह से है।
अब तक कितने ITR पेंडिंग हैं?
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अनुसार, AY 2025–26 के लिए अब तक:
- लगभग 8.80 करोड़ ITR फाइल किए जा चुके हैं
- इनमें से 8.66 करोड़ रिटर्न वेरिफाई हो चुके हैं
- करीब 8.02 करोड़ रिटर्न प्रोसेस कर दिए गए हैं
- लगभग 63 लाख रिटर्न अभी प्रोसेसिंग में हैं
इन्हीं पेंडिंग रिटर्न्स से जुड़े रिफंड फिलहाल अटके हुए हैं।
क्या रिफंड में देरी चिंता की बात है?
टैक्स विशेषज्ञों के मुताबिक, यह स्थिति असामान्य नहीं है। इनकम टैक्स कानून के तहत सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (CPC) को वित्त वर्ष खत्म होने के बाद 9 महीने तक का समय मिलता है।
AY 2025–26 के मामलों में इसका मतलब है कि विभाग के पास 31 दिसंबर 2026 तक का समय है। चूंकि 90 प्रतिशत से ज्यादा वेरिफाई रिटर्न पहले ही प्रोसेस हो चुके हैं, इसलिए मौजूदा पेंडेंसी कानूनी दायरे में ही है।
इस साल रिफंड ज्यादा क्यों अटके हैं?
इस साल रिफंड में देरी की मुख्य वजह डेटा मिलान की सख्ती है। अब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास कई स्रोतों से जानकारी उपलब्ध है, जैसे:
- TDS रिटर्न
- AIS (एनुअल इंफॉर्मेशन स्टेटमेंट)
- फॉर्म 26AS
- बैंक ट्रांजैक्शन
- म्यूचुअल फंड निवेश
- SFT रिपोर्ट्स
अगर ITR में दी गई जानकारी इन डेटा से मेल नहीं खाती, तो रिटर्न ऑटोमैटिकली फ्लैग हो जाता है और प्रोसेसिंग रोक दी जाती है।
CBDT का ‘नज कैंपेन’ भी बनी वजह
दिसंबर 2025 में शुरू किए गए CBDT के ‘नज कैंपेन’ ने भी देरी बढ़ाई है। इसके तहत जिन टैक्सपेयर्स के रिटर्न में गड़बड़ी पाई जाती है, उन्हें पहले SMS या ईमेल के जरिए अलर्ट किया जाता है।
टैक्सपेयर्स को गलती स्वीकार करने या रिवाइज्ड / अपडेटेड रिटर्न फाइल करने का मौका दिया जाता है। जब तक जरूरी सुधार नहीं किया जाता, तब तक विभाग जानबूझकर रिटर्न की प्रोसेसिंग रोक कर रखता है।
तकनीकी और बैकएंड बदलावों का असर
इस साल कुछ तकनीकी कारणों से भी देरी हुई। AY 2025–26 के लिए कई ITR फॉर्म और यूटिलिटी सामान्य से देर से, यानी जून से अगस्त के बीच जारी किए गए।
इसके अलावा, डेडलाइन के आसपास पोर्टल पर भारी ट्रैफिक के कारण लॉगइन और टाइम-आउट जैसी समस्याएं भी सामने आईं।
क्या देरी से रिफंड पर ब्याज मिलेगा?
हां। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 244A के तहत देरी से मिलने वाले रिफंड पर ब्याज दिया जाता है।
ध्यान रखने योग्य बातें:
- ब्याज दर 0.5 प्रतिशत प्रति माह
- रिफंड राशि ₹100 या कुल टैक्स का 10 प्रतिशत (जो अधिक हो) से ज्यादा होनी चाहिए
- समय पर फाइल किए गए रिटर्न में ब्याज 1 अप्रैल से रिफंड मिलने तक
- लेट रिटर्न में ब्याज फाइलिंग की तारीख से गिना जाता है
उदाहरण के तौर पर, यदि ₹40,000 का रिफंड 8 महीने देरी से मिलता है, तो ब्याज करीब ₹1,600 होगा।
अगर रिफंड अटका है तो क्या करें?
टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह:
- AIS और फॉर्म 26AS नियमित रूप से चेक करें
- इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के SMS और ईमेल का समय पर जवाब दें
- गलती मिलने पर रिवाइज्ड या अपडेटेड रिटर्न फाइल करें
- घबराएं नहीं, अधिकतर देरी कंप्लायंस की वजह से होती है
ज्यादातर मामलों में रिफंड इसलिए नहीं रुका है क्योंकि टैक्सपेयर ने कुछ गलत किया है, बल्कि इसलिए कि विभाग पूरी तरह सही और साफ जानकारी चाहता है। अगर आप पात्र हैं, तो आपका रिफंड जरूर मिलेगा, भले ही इसमें थोड़ा समय लगे।






