Petrol-Diesel Rates: 3-4 रुपयों से कुछ नहीं होगा, अभी कम से कम इतने रुपयों तक बढ़ेगी पेट्रोल डीजल की कीमत!
- byShiv
- 21 May, 2026
इंटरनेट डेस्क। ईरान और अमेरिका युद्ध के कारण कई देशों में तेल को लेकर परेशानियों का दौर शुरू हो चुका है। ग्लोबल स्तर पर कच्चे तेल के दामों में तेजी के बीच, भारत में पेट्रोल-डीजल के दाम में दो बार बढ़ोतरी की गई है। पहली बार 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम में 3-3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था और दो दिन पूर्व 19 मई को इसके दाम में 90 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है।
क्या कह रहे एक्स्पर्ट
देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम में करीब 4 रुपये की बढ़ोतरी हो चुकी है, लेकिन अब एक्स्पर्ट का कहना है कि यह बढ़ोतरी काफी नहीं है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में डबल अंकों में बढ़ोतरी होनी चाहिए, तभी सरकारी तेल कंपनियां नुकसान की भरपाई कर पाएंगी। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से बने आर्थिक संकट से निपटने के लिए भारत को ईंधन की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी करने की आवश्यकता है। तर्क है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी काफी नहीं है और तेल कंपनियों के बढ़ते नुकसान की पूरी तरह से भरपाई के लिए प्रति लीटर ₹13-17 की अतिरिक्त बढ़ोतरी की आवश्यकता हो सकती है।
भारी नुकसान झेल रहीं कंपनियां
जानकारी के अनुसार कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद भी कंपनियां भारी नुकसान उठा रही हैं। डीजल की अंडर-रिकवरी लगभग ₹11.40 प्रति लीटर और पेट्रोल की अंडर-रिकवरी लगभग ₹14.30 प्रति लीटर होने का अनुमान है। इन अनुमानों के आधार पर, कोटक का मानना है कि नुकसान की पूरी भरपाई के लिए कीमतों में ₹13-17 प्रति लीटर की और बढ़ोतरी की आवश्यकता हो सकती है।
pc- thehansindia.com





