Putrada Ekadashi 2025: पौष पुत्रदा एकादशी व्रत के क्या हैं नियम, आज भी कई लोग कर रहे व्रत
- byShiv
- 31 Dec, 2025
इंटरनेट डेस्क। हिंदू धर्म में एकादशी का बड़ा महत्व हैं, इस दिन किए गए व्रत से कई पुण्य प्राप्त होते है। पौष पुत्रदा एकादशी के व्रत का महत्व विशेष है, यह व्रत शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से बहुत लाभकारी माना जाता है। यह व्रत संतान प्राप्ति और संतान से जुड़ी परेशानियों के समाधान के लिए रखा जाता है। इस साल पौष मास की पुत्रदा एकादशी का व्रत 31 दिसंबर 2025 यानी आज है। खास बात ये है कि इस बार पुत्रदा एकादशी पर तीन शुभ योग भी बन रहे हैं।
पुत्रदा एकादशी?
पौष पुत्रदा एकादशी की शुरूआत 30 दिसंबर की सुबह 7.50 बजे शुरू हो चुकी हैं जो आज 31 दिसंबर को सुबह 5 बजे तक थी, लेकिन उदियात को मानते हुए आज भी कई लोग इसका व्रत कर रहे है।
क्या हैं नियम
पुत्रदा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि करना चाहिए। साथ ही, व्रत करने का संकल्प लें और इस तिथि पर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप अवश्य करना चाहिए। इससे शुभ फल की प्राप्ति होती है।
इस तिथि पर चावल का सेवन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। साथ ही, व्रती के साथ-साथ परिवार के सदस्यों को भी इस नियम का पालन अवश्य करना चाहिए।
दशमी तिथि से ही व्रती को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए और तामसिक भोजन से दूरी बनानी चाहिए। साथ ही, इस दिन मन को शांत करके अच्छे विचार जरूर रखें।
एकादशी व्रत करने पर भूलकर भी इस दिन दोपहर के समय नहीं सोना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करना शुभ नहीं होता है। इसकी बजाए मानसिक पूजा पाठ और मंत्रों का जाप करना चाहिए।
पुत्रदा एकादशी के दिन गलती से भी तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। ऐसा करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है और माता लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं।
pc- sanatanjyoti.com





