School Winter Vacation 2026: भीषण ठंड के कारण यूपी, पंजाब और राजस्थान में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ीं
- byrajasthandesk
- 07 Jan, 2026
उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। तापमान में लगातार गिरावट को देखते हुए राज्य सरकारों ने बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का फैसला किया है। उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान में इस समय शीतलहर का प्रकोप सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है।
उत्तर प्रदेश में 15 जनवरी तक बंद रहेंगे स्कूल
उत्तर प्रदेश में ठंड का असर सबसे ज्यादा नजर आ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। नर्सरी से लेकर कक्षा 8वीं तक के सभी स्कूल 15 जनवरी 2026 तक बंद रहेंगे। यह आदेश CBSE, ICSE और UP Board समेत सभी बोर्डों पर लागू होगा।
वहीं, कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए 8 जनवरी 2026 तक छुट्टी घोषित की गई है। प्रशासन ने साफ कहा है कि यदि कोई स्कूल इस आदेश का उल्लंघन करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंटरमीडिएट तक के सभी स्कूल और कॉलेज 5 जनवरी तक बंद रखने के निर्देश दिए थे, लेकिन ठंड बढ़ने के कारण छोटे बच्चों के लिए छुट्टियां और बढ़ा दी गईं। लखनऊ, गोरखपुर, कानपुर और प्रयागराज जैसे जिलों में स्थानीय प्रशासन ने भी अतिरिक्त निर्देश जारी किए हैं।
पंजाब में भी बढ़ी विंटर वेकेशन
पंजाब में घना कोहरा और सर्द हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। सड़कों पर दृश्यता कम होने और तापमान गिरने के कारण सरकार ने स्कूलों की छुट्टियां 8 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी हैं।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि बच्चों की सेहत और सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। पहले छुट्टियां कम समय के लिए थीं, लेकिन मौसम की गंभीरता को देखते हुए इन्हें बढ़ाया गया।
राजस्थान और जयपुर का ताजा अपडेट
राजस्थान में भी शीतलहर का दौर जारी है। राज्य सरकार पहले ही 5 जनवरी 2026 तक स्कूल बंद रखने का आदेश दे चुकी थी। वहीं, जयपुर में जिला कलेक्टर ने विशेष राहत देते हुए आंगनवाड़ी केंद्रों और छोटे बच्चों के स्कूलों को 2 से 10 जनवरी तक बंद रखने का निर्देश दिया है।
सीकर, चूरू, अलवर और बीकानेर जैसे जिलों में तापमान शून्य के करीब पहुंच रहा है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है।
छुट्टियां क्यों बढ़ाई गईं?
मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कुछ दिनों तक ठंड और कोहरे से राहत मिलने की संभावना कम है। ठंडी हवाएं, पाला और कम दृश्यता बच्चों की सेहत पर बुरा असर डाल सकती हैं। इससे सर्दी, खांसी, सांस की दिक्कत और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
इसी कारण सरकारें कोई जोखिम नहीं लेना चाहतीं और बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
ऑनलाइन क्लास का विकल्प
पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए कई स्कूल ऑनलाइन क्लास, वीडियो लेक्चर और असाइनमेंट की व्यवस्था कर रहे हैं। अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे स्कूल के व्हाट्सएप ग्रुप, वेबसाइट या नोटिस बोर्ड से जुड़े रहें ताकि किसी भी अपडेट की जानकारी समय पर मिल सके।
अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
- बच्चों को हमेशा गर्म कपड़े पहनाएं
- सुबह जल्दी बाहर भेजने से बचें
- गर्म भोजन और पेय पदार्थ दें
- स्कूल की आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें
जिला प्रशासन स्थानीय मौसम के अनुसार अलग-अलग फैसले भी ले सकता है।
आगे क्या होगा?
अगर मौसम में सुधार होता है तो तय तारीख पर स्कूल खुल सकते हैं, लेकिन ठंड बढ़ने की स्थिति में छुट्टियां और बढ़ाई जा सकती हैं। फिलहाल सरकार का फोकस बच्चों की सुरक्षा पर है।
इस समय छात्रों के लिए यह लंबा विंटर ब्रेक राहत लेकर आया है और अभिभावकों के लिए यह भरोसे की बात है कि सरकार बच्चों की सेहत को लेकर पूरी तरह सतर्क है।





