Vastu Shastra: थाली में 1-2 या तीन कितनी रखनी चाहिए रोटी, क्या कहता हैं वास्तु नियम

इंटरनेट डेस्क। वास्तु में कई चीजों के बारे में बताया गया है। अगर हम वास्तु नियमों से चलते हैं तो हमे कई तरह के फायदे होते हैं। वास्तु शास्त्र का प्रभाव हमारे हर छोटे-बड़े कामों पर पड़ता है। खासकर खाने-पीने से जुड़ी आदतें भी, हम कैसे बैठकर खाना खाते हैं, किस तरह से भोजन परोसते हैं या थाली में क्या-क्या रखते हैं? इसलिए जरूरी है कि भोजन से जुड़े इन वास्तु नियमों को समझा जाए।

इंटरनेट डेस्क। वास्तु में कई चीजों के बारे में बताया गया है। अगर हम वास्तु नियमों से चलते हैं तो हमे कई तरह के फायदे होते हैं। वास्तु शास्त्र का प्रभाव हमारे हर छोटे-बड़े कामों पर पड़ता है। खासकर खाने-पीने से जुड़ी आदतें भी, हम कैसे बैठकर खाना खाते हैं, किस तरह से भोजन परोसते हैं या थाली में क्या-क्या रखते हैं? इसलिए जरूरी है कि भोजन से जुड़े इन वास्तु नियमों को समझा जाए।

सही दिशा में करें भोजन
वास्तु के अनुसार, खाना खाते समय दिशा का खास ध्यान रखना चाहिए। उत्तर-पूर्व दिशा की ओर मुख करके खाना सबसे शुभ होता है। यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत मानी जाती है, जो शरीर और मन दोनों को फायदा पहुंचाती है।

थाली का सही चुनाव 
भोजन की थाली भी आपकी ऊर्जा को प्रभावित करती है। वास्तु अनुसार कांसे की थाली को सबसे अच्छा माना गया है, क्योंकि यह सेहत के लिए फायदेमंद होती है। अगर कांसे की थाली उपलब्ध न हो तो स्टील का उपयोग किया जा सकता है। 

रोटियों की संख्या का रखें ध्यान
भोजन परोसते समय सलीके का ध्यान रखना भी जरूरी है। थाली में सबसे पहले चावल और रोटी रखना शुभ माना जाता है, क्योंकि इन्हें समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। रोटियों की संख्या भी मायने रखती है। वास्तु के अनुसार एक साथ 1, 2 या 4 रोटियां परोसना अच्छा माना जाता है।

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