West Bengal Old Age Pension Hike: क्या चुनाव से पहले बुजुर्गों की पेंशन ₹1,500 होगी?
- byrajasthandesk
- 26 Feb, 2026
जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव करीब आ रहे हैं, West Bengal में कल्याणकारी योजनाएं फिर से राजनीतिक चर्चा का मुख्य विषय बन गई हैं। राज्य सरकार ने अपने अंतरिम बजट में कई वित्तीय राहत देने वाले फैसले पहले ही घोषित किए हैं। इन घोषणाओं के बीच सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली मासिक पेंशन ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 की जाएगी।
हाल के महीनों में राज्य सरकार ने कई योजनाओं में बदलाव और नई पहल की घोषणा की है। लोकप्रिय लक्ष्मी भंडार योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली मासिक सहायता में ₹500 की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा सिविक वॉलंटियर्स, आशा वर्कर्स और आईसीडीएस कर्मचारियों के मानदेय और वेतन में भी वृद्धि की गई है। साथ ही युवासाथी और भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए भी नई योजनाएं शुरू की गई हैं।
इन सभी घोषणाओं के बावजूद बुजुर्गों की पेंशन बढ़ाने का मुद्दा अभी भी चर्चा में बना हुआ है।
वर्तमान में कितनी मिल रही है पेंशन?
फिलहाल राज्य में पात्र वरिष्ठ नागरिकों को वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत हर महीने ₹1,000 दिए जाते हैं। यह राशि कई लोगों के लिए आर्थिक सहारा जरूर है, लेकिन बढ़ती महंगाई और रोजमर्रा के खर्चों को देखते हुए कई लोग मानते हैं कि यह पर्याप्त नहीं है।
इसी वजह से हाल के दिनों में पेंशन को ₹1,500 तक बढ़ाने की मांग और चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक बहस और मीडिया रिपोर्ट्स के कारण लोगों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं कि चुनाव से पहले सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है।
हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
केंद्र और राज्य के बीच वित्तीय विवाद
पेंशन बढ़ाने का मुद्दा केंद्र और राज्य सरकार के बीच चल रहे वित्तीय विवाद से भी जुड़ा हुआ है। राज्य सरकार का कहना है कि केंद्र की ओर से बड़ी राशि अभी भी बकाया है, जो ₹1.7 लाख करोड़ से अधिक बताई जा रही है। राज्य का तर्क है कि इन बकाया फंड्स के कारण बजट पर दबाव बढ़ता है और नई योजनाएं लागू करना मुश्किल हो जाता है।
वहीं दूसरी ओर केंद्र सरकार का मानना है कि वरिष्ठ नागरिकों को बेहतर आर्थिक सहायता मिलनी चाहिए और पेंशन में वृद्धि जरूरी है। इस मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।
क्या ₹1,500 तक बढ़ सकती है पेंशन?
राज्य प्रशासन से जुड़े कुछ सूत्रों का कहना है कि पेंशन बढ़ाने की संभावना को पूरी तरह से खारिज नहीं किया गया है। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि अगर केंद्र से अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलती है तो यह फैसला लागू करना आसान हो जाएगा।
यदि अतिरिक्त सहायता नहीं मिलती है, तो राज्य सरकार को अपने बजट में बड़े स्तर पर बदलाव करना पड़ सकता है। क्योंकि राज्य में बड़ी संख्या में बुजुर्ग इस योजना का लाभ लेते हैं, इसलिए पेंशन में थोड़ी भी बढ़ोतरी सरकार के लिए बड़ा खर्च साबित हो सकती है।
फिर भी, चुनाव के समय कल्याणकारी योजनाएं हमेशा से राजनीतिक रणनीति का अहम हिस्सा रही हैं। इसलिए कई विशेषज्ञ मानते हैं कि चुनाव से पहले सरकार कोई महत्वपूर्ण घोषणा कर सकती है।
अभी लाभार्थियों को क्या करना चाहिए?
इस समय राज्य सरकार की ओर से पेंशन को ₹1,500 करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अभी भी वरिष्ठ नागरिकों को हर महीने ₹1,000 की ही पेंशन मिल रही है।
अगर भविष्य में पेंशन बढ़ाने का फैसला लिया जाता है, तो इसके लिए सरकार की ओर से औपचारिक घोषणा और नई व्यवस्था लागू की जाएगी। तब तक यह प्रस्ताव केवल चर्चा के स्तर पर ही है।
फिर भी उम्मीद जताई जा रही है कि चुनाव के करीब आते ही इस पर कोई बड़ा फैसला सामने आ सकता है। यदि पेंशन ₹1,500 कर दी जाती है, तो इससे लाखों बुजुर्गों को सीधा लाभ मिलेगा और उनके मासिक खर्चों को संभालने में मदद मिलेगी।
डिस्क्लेमर
यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी योजना से जुड़ी अंतिम जानकारी के लिए सरकारी घोषणाओं और आधिकारिक वेबसाइट की जांच अवश्य करें।






