West Bengal: बंगाल में बीएसएफ को जमीन देने के फैसले पर फंसा पेच, शुभेंदु अधिकारी ने सीएम बनते ही लिया था फैसला

इंटरनेट डेस्क। पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बने कुछ ही दिन हुए हैं लेकिन मुख्यमंत्री फैसले धड़ाधड़ ले रहे है। बंगाल में सरकार आने के बाद सबसे बड़ा फैसला बांग्लादेश सीमा से जुड़ी जमीन को बाड़े बंदी के लिए सीमा सुरक्षा बल को सौंपना ही था। मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने अपने पहले कुछ फैसलों में ही इसे शामिल किया। लेकिन अब इस फैसले पर पेच फंसता हुआ नजर आ रहा है। 

क्या हुआ है 
मीडिया रिपोटर्स की माने तो राज्य के खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनिया ने कहा कि सरकार 45 दिनों के अंदर जमीन बीएसएफ को देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन बशीरहाट जिले में भूमि अधिग्रहण में समस्या आ रही है। उत्तर 24 परगना में मीडिया से बात करते हुए शुभेंदु अधिकारी के मंत्री ने पूरी स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उत्तर 24 परगना के ज्यादातर हिस्सों में भूमि अधिग्रहण का काम संतोषजनक ढंग से जारी है। लेकिन बसीरहाट में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, मैंने जिला कलेक्टर से बात की है। उन्होंने मुझे बताया कि तीन मौजों को छोड़कर कहीं कोई समस्या नहीं है। 

गौरतलब है कि राज्य में सत्ता हासिल करने के पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ऐलान किया था कि जब राज्य में भाजपा सरकार बनेगी, तो सबसे पहला काम बीएसएफ के लिए जमीन देने का होगा। शपथ लेने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पहली कैबिनेट बैठक में ही बांग्लादेश सीमा के पास की जमीन बाड़ेबंदी के लिए बीएसएफ को देने का फैसला किया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि सरकार 45 दिनों के भीतर 600 एकड़ जमीन सौंप देगी।

pc- thestatesman.com