Adhik Maas 2026: जाने किस दिन से शुरू होने जा रहा हैं अधिक मास, करें इस दौरान आप भी ये खास काम

इंटरनेट डेस्क। 2 मई 2026 से ज्येष्ठ मास की शुरुआत हो चुकी है, और इस बार यह महीना 30 नहीं पूरे 60 दिन का होने वाला है। वजह है अधिक मास, जिसे पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है, पंचांग के अनुसार, 17 मई से 15 जून तक चलने वाला यह अतिरिक्त महीना ज्येष्ठ को लंबा बना देता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय शादी-विवाह, गृह प्रवेश या अन्य मांगलिक कार्य नहीं किए जाते, लेकिन पूजा-पाठ, जप और दान के लिए यह समय बेहद शुभ माना जाता है।

क्यों पड़ता है अधिकमास?
हिंदू पंचांग चंद्रमा की गति पर आधारित होता है, जबकि साल की गणना सूर्य से होती है। इसी कारण दोनों में थोड़ा अंतर आ जाता है। इस अंतर को संतुलित करने के लिए हर 2-3 साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिकमास कहते हैं। जब किसी महीने में सूर्य की संक्रांति नहीं होती, तब वह महीना अधिकमास बन जाता है।

भगवान विष्णु की होती हैं भक्ति 
अधिकमास को भगवान विष्णु को समर्पित माना गया है। इस दौरान रोज उनका नाम स्मरण, विष्णु सहस्रनाम का पाठ और पूजा करने से विशेष फल मिलता है।

शिव जी की पूजा भी लाभकारी
अधिकमास में भगवान शिव की पूजा करने से भी विशेष फल मिलता है। शिवलिंग पर जल, दूध, शहद, चंदन और बिल्व पत्र चढ़ाएं और श्ऊं नमः शिवायश् मंत्र का जप करें।

बाल गोपाल और हनुमान जी की आराधना
घर में बाल गोपाल की पूजा करें और उन्हें माखन-मिश्री अर्पित करें। साथ ही हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करने से साहस और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

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