Budget 2026: Old vs New Tax Regime की उलझन खत्म होने के संकेत, बदला टैक्सपेयर्स का रुझान

पिछले दो वर्षों में नई टैक्स व्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ा भरोसा

बजट 2026 से पहले यह चर्चा तेज हो गई है कि जल्द ही ओल्ड और न्यू टैक्स रिजीम के बीच की उलझन खत्म हो सकती है। बीते दो वर्षों में सरकार ने लगातार टैक्सपेयर्स को ओल्ड टैक्स रिजीम छोड़कर न्यू टैक्स रिजीम अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। सरल नियमों, बदले हुए टैक्स स्लैब और बढ़ी हुई राहत के कारण नई टैक्स व्यवस्था अब ज्यादा लोगों को आकर्षित कर रही है।

सरकारी आंकड़े साफ तौर पर दिखाते हैं कि न्यू टैक्स रिजीम अब एक विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य की मुख्य टैक्स प्रणाली बनती जा रही है।

न्यू टैक्स रिजीम पर सरकार का लगातार फोकस

2019 के बाद से सरकार ने इनकम टैक्स सिस्टम को सरल बनाने की दिशा में काम किया है। ओल्ड टैक्स रिजीम में कई तरह की छूट और कटौतियां थीं, जिससे टैक्स कैलकुलेशन जटिल हो गया था। आम टैक्सपेयर्स के लिए इसे समझना और सही तरीके से अपनाना मुश्किल हो गया था।

इसी वजह से न्यू टैक्स रिजीम को कम टैक्स दर और आसान स्ट्रक्चर के साथ पेश किया गया, ताकि टैक्स भरने की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बन सके।

न्यू टैक्स रिजीम को बढ़ावा देने वाले बड़े फैसले

बजट 2020 में न्यू टैक्स रिजीम को पहली बार एक विकल्प के रूप में पेश किया गया था। इसके बाद बजट 2023 में इसे डिफॉल्ट टैक्स रिजीम बना दिया गया। सरकार ने टैक्स स्लैब को सरल किया और सरचार्ज में कटौती की, जिससे मिडिल क्लास और हाई इनकम ग्रुप दोनों को राहत मिली।

इन फैसलों ने टैक्सपेयर्स के बीच न्यू टैक्स सिस्टम को लेकर भरोसा बढ़ाया।

बजट 2025 में मिली बड़ी राहत

बजट 2025 में न्यू टैक्स रिजीम के तहत बड़ा ऐलान किया गया। ₹12 लाख तक की इनकम को टैक्स फ्री कर दिया गया। सैलरी पाने वाले टैक्सपेयर्स के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन जोड़ने के बाद यह सीमा ₹12.75 लाख तक पहुंच गई।

इस फैसले से मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ काफी कम हुआ और न्यू टैक्स रिजीम पहले से ज्यादा फायदेमंद बन गई।

आंकड़े बता रहे हैं बदलाव की सफलता

असेसमेंट ईयर 2024–25 में कुल 7.28 करोड़ इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल किए गए। इनमें से 5.27 करोड़ रिटर्न न्यू टैक्स रिजीम के तहत फाइल किए गए। यानी करीब 72 प्रतिशत टैक्सपेयर्स ने नई टैक्स व्यवस्था को चुना, जबकि केवल 28 प्रतिशत लोग ओल्ड टैक्स रिजीम में रहे।

टैक्स सिस्टम और प्रशासन में सुधार

सरकार ने टैक्स प्रशासन को भी आधुनिक बनाया है। फेसलेस असेसमेंट और फेसलेस अपील सिस्टम लागू किए गए हैं, जिससे टैक्सपेयर्स को दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। इसके अलावा पुराने इनकम टैक्स कानून को हटाकर नया इनकम टैक्स एक्ट लाने की योजना है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू हो सकता है।

बजट 2026 से क्या उम्मीद की जा रही है

पिछले दो वर्षों के ट्रेंड को देखते हुए माना जा रहा है कि बजट 2026 में न्यू टैक्स रिजीम को और मजबूत किया जा सकता है। टैक्स स्लैब में बदलाव या अतिरिक्त राहत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

सरकार के संकेत साफ हैं कि आने वाले समय में न्यू टैक्स रिजीम ही मुख्य टैक्स सिस्टम बनेगी और ओल्ड टैक्स रिजीम को धीरे-धीरे खत्म किया जा सकता है।