क्या कार लोन की EMI मिस होने पर बैंक तुरंत कार ज़ब्त कर सकता है? जानें यहाँ
- byvarsha
- 25 Jul, 2026
PC: TV9
डिजिटल बैंकिंग और RBI की गाइडलाइंस के मुताबिक, अगर लगातार तीन महीने तक EMI नहीं भरी जाती है, तो अकाउंट NPA हो जाता है। इसके बाद ही बैंक कस्टमर को डिजिटल या लिखकर नोटिस भेजकर आगे के टेक्निकल कदम उठाता है। इसलिए, अगर नियमों का पता हो, तो कस्टमर खुद को बिना इजाज़त के ज़ब्ती और सिस्टम के गलत इस्तेमाल से बचा सकता है।
लगभग हर इंसान अपनी कार खरीदने का सपना देखता है। इसके लिए कई लोग बैंक से कार लोन लेकर अपनी कार खरीदते हैं, लेकिन कई बार नौकरी में सैलरी लेट होने, मेडिकल इमरजेंसी या अचानक खर्च बढ़ने की वजह से लोग कार लोन की EMI समय पर नहीं भर पाते हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर कार लोन की EMI छूट गई, तो क्या बैंक उनकी कार ज़ब्त कर लेगा? तो इसका जवाब है नहीं। सिर्फ EMI छूट जाने की वजह से बैंक आपकी कार नहीं ले सकता। इसके लिए एक तय प्रोसेस है, जिसे फॉलो करना होता है। आइए जानते हैं डिटेल में जानकारी।
अगर आप कार लोन की EMI चूक जाते हैं तो क्या होता है?
अगर आप एक महीने के कार लोन की EMI नहीं दे पा रहे हैं, तो बैंक आमतौर पर सबसे पहले आपसे कॉन्टैक्ट करता है। बकाया किस्त फ़ोन कॉल, SMS, ईमेल या नोटिस के ज़रिए देने को कहा जाता है। बैंक की पहली कोशिश हमेशा कस्टमर का बकाया चुकाना होती है, क्योंकि गाड़ी ज़ब्त करना भी उनका आखिरी तरीका होता है।
क्या बैंक को कार ज़ब्त करने का अधिकार है?
हाँ, कार लोन एक सिक्योर्ड लोन होता है। इसका मतलब है कि खरीदी गई कार बैंक के लिए तब तक सिक्योरिटी के तौर पर रहती है जब तक पूरा लोन चुका नहीं दिया जाता। ऐसे में, लोन न चुकाने पर बैंक गाड़ी ज़ब्त कर सकता है। अगर लंबे समय तक EMI नहीं चुकाई जाती है, तो लोन एग्रीमेंट के हिसाब से बैंक को गाड़ी ज़ब्त करने का अधिकार हो सकता है।
बैंक तुरंत आपकी कार अपने कब्ज़े में नहीं ले सकता। इसके लिए कई स्टेप्स फॉलो करने होते हैं। अगर लगातार EMI नहीं चुकाई जाती है, तो बैंक पहले एक रिमाइंडर भेजता है। उसके बाद, एक फॉर्मल नोटिस जारी किया जा सकता है और कस्टमर को बकाया चुकाने का मौका दिया जाता है। जब सारी कोशिशें फेल हो जाती हैं और कस्टमर बैंक से कॉन्टैक्ट नहीं करता, तभी रिकवरी प्रोसेस आगे बढ़ सकता है।
कार सीज़ होने से कैसे बचें?
अगर आप लोन की EMI नहीं दे पा रहे हैं, तो बैंक को इग्नोर न करें, बल्कि बैंक से कॉन्टैक्ट करें और उन्हें अपनी प्रॉब्लम बताएं। अगर आपको कुछ समय से फाइनेंशियल प्रॉब्लम हो रही है, तो बैंक को इसके बारे में बताएं। कई मामलों में बैंक मामले को सुलझाने की कोशिश करते हैं, ताकि बात गाड़ी सीज़ होने तक न पहुंचे।






