Char Dham Yatra 2026 : चार धाम यात्रा पर जाना चाहते हैं? कपाट कब खुलेंगे? रजिस्ट्रेशन से लेकर रुट तक, पूरी जानकारी पढ़ें
- byvarsha
- 10 Feb, 2026
PC: navarashtra
हर साल लाखों भक्त उत्तराखंड में पवित्र चार धाम यात्रा पर निकलते हैं। यह यात्रा सिर्फ़ धार्मिक ही नहीं बल्कि आस्था, प्रकृति और आध्यात्मिक शांति का अनोखा संगम भी मानी जाती है। नए साल 2026 में चार धाम के कपाट जल्द ही खुलेंगे और भक्तों ने यात्रा की प्लानिंग शुरू कर दी है। हालांकि, पहाड़ी इलाका, अच्छा मौसम और बढ़ती भीड़ की वजह से यह यात्रा अब उतनी आसान नहीं रही जितनी पहले हुआ करती थी। सरकार ने रजिस्ट्रेशन, यात्रा के इंतज़ाम को और सख़्त और डिजिटल कर दिया है। अगर आप 2026 में चार धाम यात्रा पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आज ही तारीखों, रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी नियमों के बारे में सारी जानकारी जान लें।
चार धाम यात्रा क्या है?
चार धाम यात्रा एक धार्मिक यात्रा है जिसमें उत्तराखंड के बड़े तीर्थ स्थल शामिल हैं। इन चार तीर्थ स्थलों में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ शामिल हैं। कहा जाता है कि ज़िंदगी में कम से कम एक बार चार धाम यात्रा पर ज़रूर जाना चाहिए। माना जाता है कि यहां आने से मोक्ष मिलता है। यही वजह है कि हर उम्र के लोग, बुज़ुर्गों से लेकर जवान तक, इस मुश्किल लेकिन पवित्र यात्रा पर निकलते हैं।
2026 में चार धाम यात्रा कब शुरू होगी?
हर साल, चार धाम मंदिरों के कपाट अक्षय तृतीया पर खुलते हैं और नवंबर में भाजुबी के बाद बंद हो जाते हैं। वहीं, इस साल की यात्रा 19 अप्रैल को शुरू होगी। श्री यमुनोत्री और गंगोत्री मंदिरों के कपाट पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ खोले जाएंगे। श्री बेंद्रीनाथ मंदिर के कपाट पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ 23 अप्रैल, 2026 को खोले जाएंगे।
यात्रा के लिए रजिस्टर कैसे करें?
ऑनलाइन प्रोसेस
ऑफिशियल चार धाम यात्रा पोर्टल पर जाएं।
आधार कार्ड या एक वैलिड पहचान पत्र ज़रूरी है।
मोबाइल नंबर से OTP वेरिफ़ाई करें।
ऑफ़लाइन रजिस्ट्रेशन
हरिद्वार, ऋषिकेश और मुख्य ट्रांसपोर्टेशन पॉइंट पर बायोमेट्रिक रजिस्ट्रेशन सेंटर मौजूद हैं।
अपने साथ एक ओरिजिनल पहचान पत्र रखें, जैसे आधार कार्ड, वोटर ID कार्ड, PAN कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस। आपको सेंटर पर जाकर अपने बायोमेट्रिक्स (फोटो और फिंगरप्रिंट) रजिस्टर करने होंगे, जिसके बाद आपको ‘यात्रा ई-पास’ मिलेगा।
रजिस्टर करते समय क्या जानकारी देनी होगी?
नाम और उम्र
पहचान पत्र (आधार/वोटर ID)
यात्रा की तारीख
यात्रा के मुख्य रास्ते
यमुनोत्री का रास्ता: हरिद्वार/ऋषिकेश, बड़कोट, जानकी चट्टी, 6 km का ट्रेक
गंगोत्री का रास्ता: हरिद्वार/ऋषिकेश, उत्तरकाशी, गंगोत्री (पूरी तरह से मोटरेबल रोड)
केदारनाथ का रास्ता: हरिद्वार/ऋषिकेश, रुद्रप्रयाग, सोनप्रयाग, गौरीकुंड, 16 km पैदल/घोड़े/हेलीकॉप्टर से
बद्रीनाथ का रास्ता: हरिद्वार/ऋषिकेश, जोशीमठ, बद्रीनाथ (पूरी तरह से मोटरेबल रोड)
हेलीकॉप्टर सर्विस किसके लिए फायदेमंद है?
केदारनाथ हेलीकॉप्टर सर्विस बुज़ुर्गों, बीमार या समय की कमी वाले भक्तों के लिए एक बड़ी राहत है। ऑनलाइन बुकिंग ज़रूरी है।
वज़न लिमिट और मौसम पर निर्भर करता है।
अचानक कैंसलेशन हो सकता है।
इन नियमों का ध्यान रखें
हर साल चार धाम यात्रा के दौरान, सरकार सुरक्षा और पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए नियमों को और सख्त करती है।
मेडिकल फिटनेस ज़रूरी है (खासकर बुज़ुर्गों के लिए)
एक दिन में सीमित संख्या में भक्तों को ही आने की इजाज़त है।
प्लास्टिक के खिलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाती है।
दर्शन तय समय पर ही होते हैं।
रजिस्ट्रेशन स्लिप साथ रखना ज़रूरी है।
यात्रा करते समय कौन सी ज़रूरी चीज़ें पास रखनी चाहिए?
ऊनी कपड़े और रेनकोट
कैज़ुअल जूते
दवाएँ और फर्स्ट एड
पहचान पत्र और रजिस्ट्रेशन स्लिप
पावर बैंक और टॉर्च






