Deepfake Scam Alert: वीडियो कॉल पर चेहरा और आवाज बदलकर हो रही है लाखों की ठगी, जानें क्या है 'डीपफेक' और इससे कैसे बचें

pc: amar ujala

कुछ साल पहले तक साइबर ठगी केवल फर्जी मैसेज या फोन कॉल तक सीमित थी, लेकिन अब एआई तकनीक के गलत इस्तेमाल से धोखेबाजों ने 'डीपफेक वीडियो कॉल' का सहारा लेना शुरू कर दिया है। इस तकनीक के जरिए किसी भी व्यक्ति के चेहरे और आवाज को हूबहू डिजिटल रूप से कॉपी करके असली जैसा दिखा या सुनाया जा सकता है।

कैसे काम करता है डीपफेक स्कैम?
सोशल मीडिया से डेटा चोरी: ठग आपके या आपके परिवार के सदस्यों के सोशल मीडिया अकाउंट्स (Instagram, Facebook) से उनकी पुरानी तस्वीरें और वीडियो क्लिप्स डाउनलोड कर लेते हैं।

AI का इस्तेमाल: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर की मदद से वे उन चेहरों को एनिमेट करते हैं और उनकी आवाज को क्लोन (Voice Cloning) कर लेते हैं।

इमरजेंसी का झांसा: इसके बाद वे आपके किसी करीबी (जैसे विदेश में पढ़ रहा बेटा, रिश्तेदार या बॉस) के नंबर या फर्जी अकाउंट से वीडियो कॉल करते हैं। कॉल पर मौजूद व्यक्ति हूबहू आपके परिचित जैसा दिखता और बोलता है और घबराते हुए कहता है कि वह किसी मुसीबत या एक्सीडेंट में फंस गया है, उसे तुरंत पैसों की जरूरत है।

भावनात्मक दबाव: सामने वाले को अपने ही घर का या परिचित व्यक्ति देखकर यूजर बिना सोचे-समझे पैसे ट्रांसफर कर देता है।

डीपफेक स्कैम से बचने के लिए 5 जरूरी सुरक्षा टिप्स
शक होने पर दूसरा सवाल पूछें: यदि कभी आपको किसी वीडियो कॉल पर कोई अपना परिचित संकट में नजर आए और पैसों की मांग करे, तो तुरंत उससे कुछ ऐसे निजी सवाल पूछें जिसके जवाब केवल वही दे सकता हो।

कॉल काटकर डायरेक्ट संपर्क करें: अगर आपको थोड़ा भी संदेह हो, तो तुरंत वीडियो कॉल काट दें और उस व्यक्ति के वास्तविक फोन नंबर पर डायरेक्ट कॉल करके सच्चाई की पुष्टि करें।

सोशल मीडिया प्रोफाइल प्राइवेट रखें: अपने फेसबुक, इंस्टाग्राम या अन्य सोशल मीडिया अकाउंट्स को 'Public' के बजाय 'Private' रखें, ताकि कोई भी अनजान व्यक्ति आपके वीडियो और तस्वीरें आसानी से डाउनलोड न कर सके।

आवाज और हरियों पर गौर करें: डीपफेक वीडियो में कई बार पलकें झपकने की गति असामान्य होती है, होंठों के मूवमेंट और आवाज में हल्का सा तालमेल गड़बड़ होता है। ऐसी छोटी-छोटी बारीकियों पर ध्यान दें।

साइबर सेल में शिकायत करें: यदि आप या आपका कोई जानने वाला इस तरह के किसी स्कैम का शिकार हो जाता है, तो तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।