EPFO का बड़ा फैसला! PF ट्रस्ट को मिलेगा बड़ा मौका, जानें पूरी जानकारी

pc: Money9live

कर्मचारियों के लिए बहुत ज़रूरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने प्रोविडेंट फंड (PF) ट्रस्ट चलाने वाली कंपनियों और संस्थाओं के लिए एमनेस्टी स्कीम, 2026 शुरू की है। इस स्कीम का मकसद उन PF ट्रस्ट के स्टेटस को रेगुलर करने का मौका देना है जो इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत मान्यता प्राप्त हैं, लेकिन जिन्हें EPFO ​​से फॉर्मल छूट का ऑर्डर नहीं मिला है। यह एक खास सुविधा है जो एक बार मिलती है।

क्या इनकम टैक्स एक्ट, 2025 में कोई बदलाव होगा?

फाइनेंस एक्ट, 2026 के बाद, मान्यता प्राप्त प्रोविडेंट फंड में इनकम टैक्स नियमों और EPF एक्ट के नियमों में तालमेल बिठा दिया गया है। अब, इनकम टैक्स एक्ट, 2025 के तहत PF मान्यता पाने के लिए, संबंधित PF को EPF & MP एक्ट, 1952 के सेक्शन 17 के तहत छूट मिली होनी चाहिए।

इससे एमनेस्टी स्कीम उन PF ट्रस्ट के लिए ज़रूरी हो जाती है जो पहले इनकम टैक्स एक्ट के तहत मान्यता प्राप्त थे, लेकिन जिन्हें EPFO ​​से फॉर्मल छूट का ऑर्डर नहीं मिला था।

इस स्कीम से किन PF ट्रस्ट को फ़ायदा होगा?
यह स्कीम मुख्य रूप से उन संस्थाओं के लिए है जो इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत एक मान्यता प्राप्त PF ट्रस्ट चला रही थीं; लेकिन उनके पास सेक्शन 17 के तहत कोई औपचारिक छूट का नोटिफ़िकेशन नहीं था। ऐसी संस्थाओं को पिछले समय से अपने PF ट्रस्ट को रेगुलराइज़ करने का मौका दिया गया है।

इससे क्या फ़ायदा होगा?
एमनेस्टी स्कीम के तहत, योग्य संस्थाएँ PF ट्रस्ट के छूट स्टेटस का पिछली तारीख से रेगुलराइज़ेशन करवा सकती हैं। कुछ पात्रता शर्तों में छूट भी दी गई है। इसमें कर्मचारियों की संख्या, कॉर्पस और पिछले कम्प्लायंस से जुड़ी कुछ शर्तों में छूट शामिल है। साथ ही, अगर कुछ शर्तें पूरी होती हैं, तो पेंडिंग बकाया, नुकसान और ब्याज से जुड़ी कुछ कानूनी कार्रवाई कम की जा सकती है।

आवेदन के लिए ज़रूरी तारीख
एमनेस्टी स्कीम 2026 को 29 जून 2026 को नोटिफ़ाई किया गया था और यह छह महीने के लिए लागू है। अभी की EPFO ​​जानकारी के मुताबिक, अप्लाई करने की आखिरी तारीख 28 दिसंबर 2026 है। एलिजिबल PF ट्रस्ट को संबंधित EPFO ​​रीजनल ऑफिस के ज़रिए अप्लाई करना होगा। फाइनेंशियल अकाउंट्स का चार्टर्ड अकाउंटेंट से ऑडिट करवाना भी ज़रूरी है। इसलिए, संबंधित संस्था और PF ट्रस्ट मैनेजमेंट के लिए समय पर डॉक्यूमेंटेशन और कम्प्लायंस पूरा करना ज़रूरी है।