राजस्थान हाईकोर्ट के बाद गुजरात हाईकोर्ट ने बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को दी छह महीने की जमानत

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गुजरात उच्च न्यायालय ने स्वयंभू गुरु आसाराम बापू को छह महीने की ज़मानत दे दी है। 84 वर्षीय आसाराम को 2013 में बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराया गया था और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। उच्च न्यायालय ने गुरुवार को उन्हें इलाज के लिए ज़मानत दी। इससे पहले, राजस्थान उच्च न्यायालय ने भी इसी तरह के एक मामले में उन्हें छह महीने की ज़मानत दी थी।

गुरुवार को सुनवाई के दौरान आसाराम के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल बीमार हैं। उन्हें अंतरिम ज़मानत दी जानी चाहिए। उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय के ज़मानत संबंधी दस्तावेज़ भी दिखाए। सरकारी वकील ने ज़मानत का विरोध किया और कहा कि आसाराम को अहमदाबाद जेल में भी ज़रूरी चिकित्सा सेवाएँ मुहैया कराई जाएँगी। अंततः गुजरात उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने आसाराम को छह महीने की ज़मानत दे दी।

आसाराम जोधपुर और सूरत में बलात्कार के दो अलग-अलग मामलों में जेल की सज़ा काट रहे हैं। दोनों ही मामलों में उन्हें आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई गई है।

आसाराम को 2013 में अपने जोधपुर आश्रम में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार का दोषी ठहराया गया था। 2018 में उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। बाद में, आसाराम को अपने गांधीनगर आश्रम में एक अन्य पीड़िता का कई बार यौन उत्पीड़न करने का भी दोषी ठहराया गया था। अदालत ने उस मामले में उन्हें 2023 में आजीवन कारावास की सजा सुनाने का आदेश दिया था।