योगिनी एकादशी के लिए करें तुलसी से जुड़े ये उपाय, घर में आएगी सुख समृद्धि, समस्याएं होगी दूर

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हिंदू धर्म में एकादशी को बहुत पवित्र माना जाता है, और योगिनी एकादशी का खास महत्व है। यह एकादशी आषाढ़ महीने के कृष्ण पक्ष में आती है और भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए बहुत शुभ मानी जाती है। इस दिन भक्त व्रत रखते हैं और पूजा-पाठ करते हैं, जिससे पापों का नाश होता है और पुण्य मिलता है।  इस पवित्र दिन तुलसी के पौधे को खास जगह दी जाती है क्योंकि तुलसी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय मानी जाती है। तुलसी को “हरिप्रिया” भी कहा जाता है और इसकी पूजा के बिना विष्णु की पूजा अधूरी मानी जाती है। इसलिए, ऐसा माना जाता है कि अगर आप योगिनी एकादशी के दिन तुलसी से जुड़े उपाय करते हैं, तो घर में सुख, शांति और समृद्धि बढ़ती है।

योगिनी एकादशी आषाढ़ माह के कृष्ण पक्ष में पड़ती है। पंचांग के अनुसार, एकादशी तिथि 10 जुलाई 2026 को सुबह 8:16 बजे शुरू होगी और 11 जुलाई 2026 को सुबह 5:22 बजे समाप्त होगी।

 

धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं के अनुसार, एकादशी के दिन तुलसी पूजा को लेकर कुछ खास नियम बताए गए हैं। इस दिन तुलसी को जल नहीं चढ़ाना, उसके पत्ते नहीं तोड़ना और उसकी पवित्रता बनाए रखना ज़रूरी माना जाता है। माना जाता है कि एकादशी के दिन माता तुलसी खुद व्रत रखती हैं और ध्यान की अवस्था में होती हैं, इसलिए उनका सम्मान करना ज़रूरी है। कई भक्त इस दिन तुलसी के सामने दीया जलाते हैं, परिक्रमा करते हैं और मंत्रों का जाप करते हैं। तुलसी के आस-पास साफ़-सफ़ाई रखना, कूड़ा-कचरा या गंदी चीज़ें न रखना भी ज़रूरी माना जाता है।

कुछ परंपराओं में यह भी कहा गया है कि एकादशी के दिन तुलसी को  छूना नहीं  चाहिए और उसकी पूजा में मन से ज़्यादा आस्था रखनी चाहिए। भक्त इस दिन सुबह नहाकर तुलसी के सामने दीया जलाते हैं और “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जाप करते हैं। कुछ भक्त तुलसी को लाल चुनरी चढ़ाते हैं, दीया जलाते हैं और 108 बार परिक्रमा करते हैं। यह भी माना जाता है कि तुलसी के पास घी का दीया जलाने से घर से नेगेटिव एनर्जी दूर होती है और पैसे की दिक्कतें कम होती हैं। कुछ जगहों पर तुलसी के सामने मीठा प्रसाद रखकर प्रार्थना की जाती है कि घर में सुख, समृद्धि और सेहत बनी रहे। इन उपायों के पीछे मुख्य मकसद आस्था, भक्ति और मन की शांति पाना है।