Gold Price: रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे सोने के दाम, क्या आप जानते हैं गोल्ड से जुड़ी ये 5 अहम बातें?

2025 में रिकॉर्ड तेजी दिखाने के बाद 2026 की शुरुआत में भी सोने की कीमतों में मजबूती बनी हुई है। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के चलते निवेशकों ने एक बार फिर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर रुख किया है, जिसका सीधा असर गोल्ड की कीमतों पर देखने को मिला है।

भारत में MCX पर सोने का भाव ₹2,000 से ज्यादा बढ़कर करीब ₹1.38 लाख तक पहुंच गया है। इस तेजी ने आम खरीदारों और निवेशकों को असमंजस में डाल दिया है कि आखिर सोने की कीमतें कहां जाकर स्थिर होंगी।

हालांकि, यदि सोने को केवल आभूषण नहीं बल्कि एक निवेश एसेट के रूप में समझा जाए, तो इससे बेहतर रणनीतिक लाभ उठाया जा सकता है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की हालिया रिपोर्ट में सोने से जुड़ी कुछ बेहद महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की गई हैं।

1. लंबी अवधि में शानदार रिटर्न

पिछले करीब 50 वर्षों में सोने की कीमतों में डॉलर के मुकाबले औसतन 8 प्रतिशत सालाना बढ़त देखने को मिली है। यह प्रदर्शन शेयर बाजार के बराबर और बॉन्ड्स से बेहतर माना जाता है।

इसी वजह से विशेषज्ञ सोने को लंबे समय के निवेश के लिए भरोसेमंद एसेट मानते हैं।

2. दुनिया के सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में शामिल

जब भी बाजार में अनिश्चितता या संकट आता है, निवेशक सबसे पहले सोने की ओर रुख करते हैं। यही कारण है कि आज सोना अमेरिकी डॉलर के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रिजर्व एसेट बन चुका है।

यूरोपीय सेंट्रल बैंक के अनुसार, जून 2025 तक सोने ने यूरो को पीछे छोड़ दिया था, जिससे इसकी वैश्विक अहमियत और बढ़ गई है।

3. पूरी तरह से रिसायकल होने वाली धातु

सोने की सबसे खास बात यह है कि यह 100 प्रतिशत रिसायकल किया जा सकता है। WGC के मुताबिक, अब तक जितना भी सोना निकाला गया है, उसका लगभग हर औंस आज भी किसी न किसी रूप में उपयोग में है।

यह ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, मेडिकल उपकरण और निवेश उत्पादों के रूप में लगातार इस्तेमाल हो रहा है।

4. नियमित आय नहीं देता सोना

सोना ऐसा निवेश नहीं है जो डिविडेंड, ब्याज या किराए की तरह नियमित आय देता हो। इससे फायदा तभी होता है जब इसकी कीमत बढ़ने पर इसे बेचा जाए।

इसी कारण एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि सोने को इनकम एसेट नहीं बल्कि वैल्यू प्रिजर्वेशन टूल के रूप में देखा जाना चाहिए।

5. शेयर बाजार से भी ज्यादा लिक्विड

WGC की रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की पहली छमाही में सोने का औसत दैनिक कारोबार 329 बिलियन डॉलर रहा। वहीं, सेंट्रल बैंकों और निवेशकों के पास मौजूद सोने की कुल वैल्यू करीब 5.1 ट्रिलियन डॉलर आंकी गई है।

इसका मतलब है कि सोने का बाजार कई बड़े शेयर बाजारों से भी ज्यादा लिक्विड है, जिससे निवेशकों को खरीद-बिक्री में आसानी होती है।

निवेशकों के लिए क्या है सही रणनीति?

भले ही मौजूदा समय में सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर हों, लेकिन इसकी सुरक्षित निवेश की भूमिका अब भी मजबूत बनी हुई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखना चाहिए।


Disclaimer:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। निवेश से पहले किसी वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।