आज का सोना-चांदी भाव: देशभर में सोना महंगा, चांदी नरम — जानें शहर-वार ताजा रेट
- byrajasthandesk
- 11 Feb, 2026
11 फरवरी को सर्राफा बाजार में सोने की कीमतों में तेजी देखी गई, जबकि चांदी के दाम में गिरावट दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूती और निवेशकों की सुरक्षित निवेश की मांग के चलते सोना लगातार मजबूत बना हुआ है। देश के प्रमुख शहरों में भी सोने के भाव बढ़े हैं, जिससे बाजार में तेजी का रुख साफ दिखाई देता है।
देश के प्रमुख शहरों में सोने का ताजा भाव
दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹158,940 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट का भाव ₹145,710 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। मुंबई, चेन्नई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना ₹158,790 और 22 कैरेट सोना ₹145,560 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर रहा।
पुणे और बेंगलुरु में भी यही दरें देखने को मिलीं, जिससे पता चलता है कि देशभर में कीमतें लगभग समान स्तर पर बनी हुई हैं। अहमदाबाद और भोपाल जैसे शहरों में कीमतों में मामूली अंतर रहा, लेकिन रुझान तेजी का ही रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
वैश्विक बाजार में सोने का हाजिर भाव लगभग 5,052.43 डॉलर प्रति औंस दर्ज किया गया। निवेश बैंक जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि साल के अंत तक सोने की कीमत 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो घरेलू बाजार में भी सोने के दाम और बढ़ सकते हैं।
आर्थिक अनिश्चितता, महंगाई और वैश्विक तनाव जैसे कारक सोने की मांग बढ़ाते हैं, क्योंकि निवेशक इसे सुरक्षित संपत्ति के रूप में देखते हैं।
चांदी में आई गिरावट
सोने के विपरीत चांदी के दाम में गिरावट दर्ज की गई। 11 फरवरी की सुबह चांदी की कीमत लगभग ₹2,89,900 प्रति किलोग्राम रही। इससे पहले जनवरी में चांदी ₹4 लाख प्रति किलो के पार पहुंच गई थी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी का हाजिर भाव करीब 82.16 डॉलर प्रति औंस रहा।
विशेषज्ञों के अनुसार चांदी की कीमतों पर औद्योगिक मांग का भी असर पड़ता है, इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव ज्यादा देखने को मिलता है।
भविष्य के अनुमान
बुलियन उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि 2026 के दौरान सोने की कीमत ₹2,00,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकती है, जबकि चांदी ₹5,00,000 प्रति किलोग्राम तक जा सकती है। हालांकि यह अनुमान वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और सरकारी नीतियों पर निर्भर करेगा।
यदि सरकार सोने और चांदी पर जीएसटी या आयात शुल्क कम करती है, तो घरेलू कीमतों में राहत भी मिल सकती है।
निवेशकों के लिए संकेत
हालिया तेजी से संकेत मिलता है कि निवेशक अनिश्चित बाजार परिस्थितियों में सोने को सुरक्षित विकल्प मान रहे हैं। वहीं चांदी में गिरावट यह दर्शाती है कि औद्योगिक मांग में उतार-चढ़ाव का प्रभाव इस धातु पर ज्यादा पड़ता है।
निष्कर्ष
ताजा आंकड़ों के अनुसार देशभर में सोने के दाम मजबूत बने हुए हैं, जबकि चांदी में फिलहाल कमजोरी देखी जा रही है। वैश्विक बाजार की चाल, आर्थिक संकेतक और सरकारी नीतियां आने वाले समय में इन धातुओं की कीमत तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। निवेशकों और खरीदारों के लिए बाजार की गतिविधियों पर नजर रखना जरूरी रहेगा।






