भीषण गर्मी में भी नहीं बढ़ी AC की बिक्री, महंगे दाम छोड़ लोग खरीद रहे सस्ते कूलिंग विकल्प
- byrajasthandesk
- 02 Jul, 2026
देशभर में इस बार रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और हीटवेव के बावजूद एयर कंडीशनर (AC) की बिक्री उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ सकी। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बदलते मौसम, बीच-बीच में हुई बारिश और AC की बढ़ती कीमतों ने ग्राहकों की खरीदारी की आदतों को बदल दिया है। नतीजतन, बड़ी संख्या में लोगों ने महंगे AC की बजाय कूलर और पंखे जैसे कम कीमत वाले विकल्पों को प्राथमिकता दी।
हालांकि गर्मी के मौसम में रेफ्रिजरेटर, कोल्ड ड्रिंक्स, डेयरी उत्पाद और आइसक्रीम जैसी चीजों की मांग मजबूत बनी रही, लेकिन AC कंपनियों को उम्मीद के मुताबिक बिक्री नहीं मिली।
भीषण गर्मी के बावजूद बदला ग्राहकों का रुख
इस साल भारत के कई हिस्सों में तापमान ने नए रिकॉर्ड बनाए। कई शहरों में भीषण लू चली, लेकिन जून के दौरान कई राज्यों में अचानक बारिश, आंधी और मौसम में ठंडक आने से लगातार AC चलाने की जरूरत कम हो गई।
इसी दौरान महंगाई और घरेलू खर्च बढ़ने का असर भी लोगों की खरीदारी पर पड़ा। ऐसे में उपभोक्ताओं ने ज्यादा कीमत वाले एयर कंडीशनर खरीदने की बजाय कम लागत वाले कूलर और पंखों को बेहतर विकल्प माना।
उम्मीद से कमजोर रही AC की बिक्री
उद्योग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, खासकर उत्तर भारत में जून के दौरान एयर कंडीशनर की बिक्री में सुस्ती देखने को मिली।
गर्मी की शुरुआत में मांग अच्छी रही, लेकिन पूरा सीजन कंपनियों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया।
विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में एयर कंडीशनर की कीमतों में लगभग 18 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। बढ़ती कीमतों की वजह से कई परिवारों ने इस बार नया AC खरीदने का फैसला टाल दिया।
यही वजह रही कि कम कीमत वाले कूलिंग उत्पादों की मांग अपेक्षाकृत अधिक रही।
रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन की मांग बढ़ी
जहां AC की बिक्री धीमी रही, वहीं अन्य घरेलू उपकरणों की मांग मजबूत बनी रही।
गर्मी के मौसम में रेफ्रिजरेटर की बिक्री सामान्य और प्रीमियम दोनों श्रेणियों में अच्छी रही। वहीं मानसून की शुरुआत के साथ वॉशिंग मशीन की मांग भी बढ़ने लगी है क्योंकि बारिश के मौसम में कपड़े धोने की जरूरत अधिक होती है।
इससे साफ संकेत मिलता है कि उपभोक्ताओं ने खर्च कम नहीं किया, बल्कि अपनी प्राथमिकताओं में बदलाव किया है।
कोल्ड ड्रिंक्स और आइसक्रीम की बिक्री में जबरदस्त तेजी
एयर कंडीशनर की तुलना में पेय पदार्थ और ठंडे खाद्य उत्पाद बेचने वाली कंपनियों के लिए यह गर्मी का मौसम काफी बेहतर साबित हुआ।
उद्योग के अनुसार, पूरे सीजन में कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री मजबूत बनी रही। इसके पीछे कई कारण रहे—
- कम कीमत वाले छोटे पैक की उपलब्धता
- क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म का बढ़ता उपयोग
- बाहर रहते हुए ठंडे पेय पदार्थों की बढ़ती खपत
- कोल्ड स्टोरेज और रिटेल नेटवर्क का विस्तार
कई कंपनियों ने इस दौरान अपने कूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में भी निवेश बढ़ाया ताकि गर्मी के मौसम में उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे।
डेयरी उत्पादों की मांग भी रही मजबूत
गर्मी के मौसम में डेयरी उत्पादों की बिक्री में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई।
उद्योग के मुताबिक इन उत्पादों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई—
- आइसक्रीम
- दही
- फ्लेवर्ड डेयरी ड्रिंक्स
- अन्य ठंडे डेयरी उत्पाद
पिछले साल की तुलना में इन श्रेणियों में बिक्री बेहतर रही, जिससे साफ है कि उपभोक्ता गर्मी से राहत देने वाले खाद्य पदार्थों पर खर्च करने से पीछे नहीं हटे।
पारंपरिक भारतीय पेय पदार्थों की भी बढ़ी मांग
पैकेज्ड ड्रिंक्स के अलावा पारंपरिक भारतीय पेय और मसालों की बिक्री में भी तेजी देखी गई।
गर्मी के मौसम में इन उत्पादों की मांग बढ़ी—
- जलजीरा
- छाछ मसाला
- रायता मसाला
- काला नमक आधारित पेय
विशेषज्ञों का कहना है कि शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी इन पारंपरिक उत्पादों की लोकप्रियता लगातार बनी हुई है।
बदल रही है ग्राहकों की खरीदारी की सोच
इस गर्मी के सीजन ने साफ कर दिया कि उपभोक्ता अब पहले की तुलना में अधिक सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं।
जहां महंगे घरेलू उपकरणों की खरीद को कई परिवारों ने टाल दिया, वहीं रोजमर्रा की जरूरतों और तुरंत राहत देने वाले उत्पादों पर खर्च जारी रखा।
अब मानसून के आगे बढ़ने के साथ कंपनियों की नजर आने वाले महीनों की मांग पर रहेगी। उद्योग यह देखना चाहता है कि मौसम सामान्य होने के बाद एयर कंडीशनर की बिक्री दोबारा रफ्तार पकड़ती है या फिर ग्राहक आगे भी कम लागत वाले कूलिंग विकल्पों को ही प्राथमिकता देते हैं।






