घर में कितनी चांदी रख सकते हैं? कानून क्या कहता है? पढ़ें पूरी जानकारी
- byvarsha
- 23 Feb, 2026
pc: tv9
अगर आप चांदी में इन्वेस्ट करने की सोच रहे हैं, तो पहले यह खबर पढ़ लें। चांदी खरीदने की सोच रहे हैं? पहले नियम जान लें, नहीं तो आपको प्रॉफिट पर टैक्स देना पड़ सकता है। इस साल चांदी ने 70-80 परसेंट से ज़्यादा का रिटर्न देकर इन्वेस्टर्स को चौंका दिया है। लेकिन, हमेशा ऐसा नहीं होता। इसलिए पहले सब कुछ समझ लें। सोने से बेहतर रिटर्न मिलने के बाद अब छोटे-बड़े इन्वेस्टर्स तेज़ी से चांदी (silver investment) की तरफ जा रहे हैं। लेकिन खरीदने से पहले स्टोरेज और टैक्स के नियमों को समझना ज़रूरी है।
घर में कितनी चांदी रख सकते हैं?
यह एक बड़ा सवाल है। हालांकि, अच्छी खबर यह है कि सोने के उलट, चांदी रखने की कोई तय लिमिट नहीं है। इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत, घर में चांदी (सिक्के, गहने, बर्तन या बार) रखने की कोई लिमिट नहीं है। आप जितनी चाहें उतनी चांदी रख सकते हैं।
बस शर्त यह है कि चांदी कानूनी तौर पर खरीदी गई हो या विरासत में मिली हो। अगर सब कुछ कानूनी है, तो इसे रखने पर कोई टैक्स नहीं लगता। टैक्स तभी लगेगा जब आपको इसे बेचने पर प्रॉफ़िट हो या जांच में कोई अनडिक्लेयर्ड एसेट मिले।
अगर आपके पास ज़्यादा मात्रा में चांदी है, तो खरीद का बिल, रसीद या पेमेंट का प्रूफ़ ज़रूर रखें। ज्वैलर्स, डीलर्स या ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म से खरीदी गई चांदी का ओरिजिनल बिल आपको भविष्य में इनकम टैक्स ऑडिट के दौरान बचाएगा।
बिक्री पर कितना टैक्स लगेगा?
टैक्स इस बात पर निर्भर करता है कि आपने फ़िज़िकल चांदी खरीदी है या सिल्वर ETF या म्यूचुअल फ़ंड में इन्वेस्ट किया है और आपने इसे कितने समय तक रखा है।
फ़िज़िकल चांदी के लिए क्या नियम हैं?
24 महीने से पहले बेचे गए प्रॉफ़िट को शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन (STCG) माना जाएगा। इस पर आपके इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा। अगर 24 महीने के बाद बेचा जाता है, तो यह लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन (LCTG) होगा। अगर चांदी 23 जुलाई, 2024 को या उसके बाद खरीदी जाती है, तो LTCG पर 12.5% टैक्स लगेगा और इंडेक्सेशन का कोई फ़ायदा नहीं मिलेगा। वहीं, 23 जुलाई 2024 से पहले खरीदी गई चांदी पर टैक्स इंडेक्स के साथ 20% की दर से टैक्स लगेगा। खरीदते समय भी टैक्स लगता है। चांदी की छड़, सिक्के या ज्वेलरी की कीमत पर 3% GST लगता है। अगर ज्वेलरी खरीदी जाती है, तो मेकिंग चार्ज पर अलग से 5% GST देना होगा।
निवेशकों के लिए क्या सलाह है?
चांदी में तेजी है, लेकिन सिर्फ रिटर्न देखकर निवेश न करें। खरीदारी का रिकॉर्ड रखें, होल्डिंग पीरियड को समझें और टैक्स प्लानिंग साफ-सुथरी रखें। सही स्ट्रेटेजी से खरीदी गई चांदी ही असली मुनाफा देगी।






