पर्सनल लोन लेने से पहले जरूर जानें ये स्मार्ट बातें, वरना बाद में हो सकता है पछतावा

आज के डिजिटल दौर में पर्सनल लोन लेना बेहद आसान हो गया है। अब मोबाइल पर कुछ क्लिक करते ही लोन की राशि सीधे बैंक खाते में पहुंच जाती है। बैंक और फाइनेंस कंपनियां “अभी लें, बाद में चुकाएं” जैसे आकर्षक ऑफर देकर ग्राहकों को लुभाती हैं।

लेकिन यह समझना जरूरी है कि पर्सनल लोन एक बिना गारंटी वाला कर्ज होता है। इसी वजह से इसकी ब्याज दरें होम लोन या कार लोन की तुलना में अधिक होती हैं। इसलिए पर्सनल लोन लेने का फैसला जल्दबाजी में नहीं बल्कि सोच-समझकर लेना चाहिए।

आइए जानते हैं कि किन परिस्थितियों में पर्सनल लोन लेना सही फैसला हो सकता है और कब यह आपके लिए परेशानी बन सकता है।

कब पर्सनल लोन लेना समझदारी है

कुछ स्थितियों में पर्सनल लोन लेना व्यावहारिक और उपयोगी साबित हो सकता है।

मेडिकल इमरजेंसी

परिवार में अचानक बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी आने पर तुरंत पैसों की जरूरत पड़ सकती है। यदि आपके पास पर्याप्त बीमा या बचत नहीं है, तो पर्सनल लोन तुरंत राहत दे सकता है। ऐसी स्थिति में यह एक उपयोगी विकल्प माना जाता है।

महंगे कर्ज से छुटकारा पाने के लिए

अगर आप क्रेडिट कार्ड के भारी बकाया पर 30–40% तक ब्याज दे रहे हैं, तो कम ब्याज वाले पर्सनल लोन से उसे चुकाना समझदारी हो सकती है। इसे डेट कंसोलिडेशन कहा जाता है, जिससे आपकी कुल ब्याज लागत कम हो सकती है।

जरूरी घर की मरम्मत

घर की ऐसी मरम्मत जो सुरक्षा बढ़ाए या भविष्य में बड़े खर्च से बचाए, उसके लिए लिया गया लोन एक तरह से निवेश माना जा सकता है।

कब पर्सनल लोन लेने से बचें

हर आसान लोन आपके लिए सही नहीं होता। कुछ स्थितियों में इससे दूर रहना ही बेहतर है।

दिखावे या लग्जरी खर्च के लिए

सिर्फ नया महंगा फोन खरीदने, विदेश घूमने या दूसरों को प्रभावित करने के लिए लोन लेना वित्तीय रूप से गलत फैसला हो सकता है। इन चीजों की खुशी थोड़े समय की होती है, लेकिन EMI लंबे समय तक बोझ बन सकती है।

शेयर बाजार में निवेश के लिए

कर्ज लेकर शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में निवेश करना जोखिम भरा कदम है। बाजार में गिरावट आने पर नुकसान भी होगा और लोन की किस्त भी चुकानी पड़ेगी।

गैर-जरूरी खर्च के लिए

शादी में फिजूलखर्ची या ऐसे खर्च जिन्हें टाला जा सकता है, उनके लिए लोन लेना आमतौर पर नुकसानदायक साबित होता है।

लोन लेने से पहले इन बातों पर जरूर ध्यान दें

यदि आपने पर्सनल लोन लेने का निर्णय कर लिया है, तो इन बातों को जरूर जांचें:

ब्याज दर की तुलना करें

अलग-अलग बैंक अलग दरें देते हैं। केवल अपने बैंक पर निर्भर न रहें — बाजार में उपलब्ध विकल्पों की तुलना जरूर करें।

छिपे हुए शुल्क समझें

सिर्फ EMI देखकर फैसला न लें। प्रोसेसिंग फीस, प्रीपेमेंट चार्ज और लेट फीस जैसी शर्तों को ध्यान से पढ़ें।

चुकाने की क्षमता जांचें

आपकी कुल EMI आपकी मासिक आय के 30–40% से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही, अच्छा सिबिल स्कोर आपको कम ब्याज दर दिलाने में मदद करता है।

पर्सनल लोन एक दोधारी तलवार की तरह है। सही समय और सही कारण के लिए लिया जाए तो यह मददगार साबित होता है, लेकिन बिना योजना के लिया गया लोन कर्ज के जाल में फंसा सकता है।

हमेशा वही कर्ज अच्छा होता है जो आपकी असली जरूरत पूरी करे या भविष्य में मूल्य बढ़ाए। इसलिए लोन लेने से पहले अपनी जरूरत, भुगतान क्षमता और कुल लागत का सावधानी से आकलन जरूर करें।