Modi government: शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने दिया इस्तीफा, 12 सालों में पहली बार मोदी सरकार दिखी दबाव में

इंटरनेट डेस्क। नीट परीक्षा में गड़बड़ी को लेकर पिछले 36 दिनों से चल  रहे सीजेपी के धरने प्रदर्शन के बाद आज शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है। नीट पेपर लीक के लिए उन्हें दोषी बताकर जंतर-मंतर पर 36 दिन से धरना प्रदर्शन चल रहा था। 

आंदोलनकारियों का कहना था कि धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे से कम में वह नहीं मानेंगे। धर्मेन्द्र प्रधान ने खुद अपने पोस्ट में लेटर जारी करके अपने इस्तीफे की जानकारी दी। बता दें कि इस इस्तीफे के लिए लगभग 26 दिनों तक सोनम वांगचुक भूख हड़लात पर रहे।

इस इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दिपके ने पीएम मोदी से कहा था की धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे कुछ भी कम नहीं, अगर बात आगे तक गई तो आपके इस्तीफे की भी बात होगी। 

धर्मेन्द्र प्रधान ने सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।

उन्होंने इस संबंध में आगे कहा कि मैं  प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूँ। साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूँगा

उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूँगा। प्रभु श्रीजगन्नाथ जी के आशीर्वाद से मैं भविष्य में भी भारत माता, ओडिशा की जनता तथा देश के युवाओं की आकांक्षाओं की पूर्ति के लिए हर संभव रूप में स्वयं को समर्पित रखूँगा।

 

 

 

pc- jansatta