Nominee Rules: नॉमिनी नहीं होता हैं आपके बैंक, म्यूचुअल फंड, पॉलिसी के पैसों का मालिक, जाने असल में किसकों मिलता हैं पैसा
- byShiv
- 08 Aug, 2026
इंटरनेट डेस्क। आपने देखा होगा बैंक खाता खुलवाते समय या फिर म्यूचुअल फंड या बीमा पॉलिसी जब हम लेते हैं तो उसमें नॉमिनी को जोड़ा जाता है। ऐसे में ज्यादातर लोगों को यह लगता है कि अगर उनकी मृत्यु हो गई तो उनकी सारी रकम सीधे नॉमिनी से जुड़े व्यक्ति की हो जाएगी और वह उसकी संपत्ति का मालिक बन जाएगा। लेकिन कानूनी तौर पर ऐसा हमेशा नहीं होता, एक्सपर्टों के मुताबिक, नॉमिनी का काम सिर्फ रकम हासिल करना और उसे सही वारिसों तक पहुंचाने की प्रोसेस को आसान बनाना होता है। जानते हैं इस बारे में।
क्या होता है नॉमिनी का अधिकार
नॉमिनी वह व्यक्ति होता है जिसे खाताधारक अपने बैंक खाते, पॉलिसी या म्यूचुअल फंड में नामित करता है, जिससे उस फंड का रकम हासिल करने का उन्हें अधिकार मिलता है, इसका सबसे अहम काम यह होता है कि खाताधारक की मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति को महफूज रखना और कानूनी वारिसों तक पहुंचाने में मदद करना। हालांकि, सिर्फ नॉमिनी होने से किसी व्यक्ति को संपत्ति का अंतिम कानूनी मालिक नहीं माना जाता।
मौत के बाद किसे मिलता है पैसा
अगर मृतक ने वेलिड वसीयत बनाई है, तो संपत्ति का बंटवारा उसी के मुताबिक होगा।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी व्यक्ति ने अपने भाई को नॉमिनी बनाया है लेकिन वसीयत में संपत्ति पत्नी के नाम की है, तो कानूनी तौर पर पत्नी का दावा ज्यादा मजबूत माना जा सकता है। ऐसे मामलों में कानूनी वारिसों का अधिकार नॉमिनी से ज्यादा मजबूत माना जाता है।
वसीयत न होने की स्थिति में उत्तराधिकार कानून लागू होते हैं
नॉमिनी बनाना फिर भी क्यों जरूरी है
नॉमिनी होने से बैंक और वित्तीय संस्थानों में क्लेम की प्रक्रिया आसानी से हो जाती है,
परिवार को धन प्राप्त करने में ज्यादा देरी वक्त नहीं लगता है
pc- upstox.com





