Puja Items Significance: पूजा में क्यों होता है इन 4 चीजों का इस्तेमाल? घंटी से लेकर दीये जलाने तक, जानें इनका धार्मिक महत्व
- byvarsha
- 19 Aug, 2026
हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान कई धार्मिक वस्तुओं का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें घंटी, शंख, कलश और दीपक का विशेष महत्व माना जाता है। ये चीजें केवल पूजा की सामग्री नहीं हैं, बल्कि इनके साथ कई धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं भी जुड़ी हुई हैं। मंदिरों से लेकर घरों तक, सदियों से इनका इस्तेमाल अलग-अलग विधि-विधान और मान्यताओं के अनुसार किया जाता रहा है। आइए जानते हैं पूजा में इस्तेमाल होने वाली इन चारों चीज़ों का धार्मिक महत्व क्या है।
घंटी बजाने की परंपरा
मंदिरों में पूजा शुरू करने से पहले घंटी बजाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घंटी की आवाज़ को शुभ माना जाता है और पूजा के दौरान पॉज़िटिव माहौल बनाने से जुड़ा है। कई परंपराओं में माना जाता है कि घंटी बजाने से नेगेटिविटी दूर होती है और मन पूजा पर फोकस करने में मदद मिलती है। मंदिर में घुसते समय घंटी बजाना इसी धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। इसके अलावा, घंटी की आवाज़ आस-पास के माहौल में एक अलग आध्यात्मिक एहसास पैदा करती है।
पूजा में कलश रखने का महत्व
पूजा-पाठ में कलश को समृद्धि, पूर्णता और शुभता का प्रतीक माना जाता है। आमतौर पर कलश में जल भरा जाता है और उसके ऊपर आम के पत्ते व नारियल रखा जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों में कलश स्थापना की विशेष मान्यता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कलश का जल पवित्रता और जीवन का प्रतीक माना जाता है, जबकि नारियल को शुभ फल के रूप में देखा जाता है। गृह प्रवेश, नवरात्रि, विवाह और अन्य मांगलिक अवसरों पर कलश स्थापित करने की परंपरा है।
शंख रखने का महत्व
शंख भगवान विष्णु से जुड़ा है और पूजा के दौरान इसे शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान शंख बजाने की परंपरा कई धार्मिक अनुष्ठानों में पाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शंख की ध्वनि से माहौल शुद्ध होता है और पूजा के दौरान पॉजिटिव माहौल बनता है। कई घरों में पूजा के बाद शंख में रखा पानी भी पूजा के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, शंख के इस्तेमाल से जुड़ी परंपराएं इलाके और संप्रदाय के हिसाब से अलग-अलग हो सकती हैं।
पूजा में दीपक का महत्व
पूजा में दीपक को एक अहम हिस्सा माना जाता है। दीपक की लौ को ज्ञान, रोशनी और शुभता का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के दौरान दीपक जलाने से अंधेरा और नेगेटिविटी दूर होती है। घी या तेल का दीपक जलाने की परंपरा कई पूजा अनुष्ठानों में पाई जाती है। आरती के समय दीपक घुमाना भी इस धार्मिक परंपरा का एक हिस्सा है।





