RBI Repo Rate Hike: होम लोन लेने वालों की टेंशन बढ़ी, EMI बढ़ने की संभावना; RBI बड़ा फैसला लेने की तैयारी में

PC; INDIA.COM

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) इंटरेस्ट रेट्स पर उम्मीद से ज़्यादा अग्रेसिव रुख अपना सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा के अनुमान के मुताबिक, RBI इस साल दिसंबर तक रेपो रेट में कुल 50 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी कर सकता है। इससे लोन पर इंटरेस्ट रेट बढ़ने की संभावना है, साथ ही होम लोन और कार लोन की EMI पर भी असर पड़ सकता है।

RBI की मॉनेटरी पॉलिसी 7 अक्टूबर को
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमिटी (MPC) की मीटिंग 5 अक्टूबर से शुरू होगी। इस मीटिंग के फैसलों का ऐलान 7 अक्टूबर को किया जाएगा। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​सुबह 10 बजे मॉनेटरी पॉलिसी का ऐलान करेंगे।

नोमुरा के अनुमान के मुताबिक, अक्टूबर की मीटिंग में रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट्स और दिसंबर की मीटिंग में 25 बेसिस पॉइंट्स की और बढ़ोतरी हो सकती है। अगर ऐसा होता है, तो रेपो रेट 5.75 परसेंट तक पहुंचने की संभावना है।

इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी से महंगाई पर काबू पाने की उम्मीद
नोमुरा के मुताबिक, इंटरेस्ट रेट में संभावित बढ़ोतरी के पीछे मुख्य मकसद महंगाई को कंट्रोल में रखना हो सकता है। आने वाले समय में खाने-पीने की चीज़ों और एनर्जी की बढ़ती कीमतों से महंगाई पर दबाव बढ़ने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म ने FY27 में औसत CPI महंगाई 5.2 परसेंट रहने का अनुमान लगाया है, और FY28 में इसके RBI के 4 परसेंट के टारगेट के करीब आने की उम्मीद है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भी महंगाई का एक कारण
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें महंगाई का एक अहम कारण बन रही हैं। बताया गया है कि ब्रेंट क्रूड की कीमत $106 प्रति बैरल को पार कर गई है। इससे पेट्रोल और डीज़ल समेत कई चीज़ों और सर्विसेज़ की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना है।

इस बीच, रेपो रेट बढ़ने के बाद बैंक लोन पर ब्याज दरें बढ़ा सकते हैं। इससे फ्लोटिंग रेट पर मौजूदा कर्मचारियों के साथ-साथ नए लोन कस्टमर्स की EMI पर भी असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, आखिरी फैसला RBI की MPC मीटिंग के बाद ही साफ होगा।